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70 सहायक प्राध्यापकों को झटका, 872 को राहत… यहां देखें पूरी लिस्ट…

रायपुर, 28 मार्च (वेदांत समाचार )। उच्च शिक्षा विभाग ने 2022 में नियुक्त सहायक प्राध्यापकों को बड़ा झटका देते हुए 70 प्राध्यापकों की परिवीक्षा अवधि बढ़ा दी है। गोपनीय प्रतिवेदन समिति की समीक्षा में निर्धारित मापदंडों पर खरे नहीं उतरने के कारण 53 प्राध्यापकों की प्रोबेशन अवधि एक वर्ष और 17 की दो वर्ष के लिए बढ़ाई गई है। जानकारी के अनुसार इन सभी प्राध्यापकों की परिवीक्षा अवधि समाप्ति की प्रक्रिया वर्ष 2025 तक पूरी की जानी है, जिसके तहत वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन, पुलिस सत्यापन, सतत सेवा प्रमाण-पत्र, निष्ठा प्रमाण-पत्र, विभागीय जांच, न्यायालयीन प्रकरण और चल-अचल संपत्ति विवरण जैसे दस्तावेजों का गहन परीक्षण किया गया।

फरवरी 2026 में आयोजित पहली बैठक में कुल 348 प्रकरणों की समीक्षा की गई, जिसमें 307 सहायक प्राध्यापक सभी मापदंडों पर पात्र पाए गए और उनकी परिवीक्षा समाप्त करने की अनुशंसा की गई। वहीं 15 प्रकरणों में दस्तावेज अपूर्ण पाए जाने के कारण उन्हें लंबित रखा गया है, जिन्हें दस्तावेज पूर्ण करने पर पात्र माना जाएगा, जबकि 26 प्राध्यापक मापदंडों पर खरे नहीं उतरे। इसके बाद मार्च 2026 में हुई दूसरी बैठक में मार्च से मई 2022 के बीच नियुक्त 572 प्रकरणों की जांच की गई, जिसमें 497 प्राध्यापक पात्र पाए गए, जिनमें से 39 को दस्तावेज पूर्ण करने की शर्त पर पात्र माना गया, जबकि 36 प्राध्यापक अपात्र पाए गए।

इसी तरह जून से दिसंबर 2022 के बीच नियुक्त 90 प्रकरणों में से 68 प्राध्यापक सभी मानकों पर खरे उतरे, 14 के दस्तावेज अपूर्ण पाए गए जिन्हें फिलहाल परीक्षण में रखा गया है और 8 प्राध्यापक अपात्र घोषित किए गए हैं। इस पूरे फैसले के बाद स्पष्ट है कि विभाग अब प्रोबेशन प्रक्रिया में सख्ती बरत रहा है और केवल तय मानकों को पूरा करने वाले प्राध्यापकों को ही स्थायी नियुक्ति का लाभ मिलेगा।

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