भिलाई, 26 मार्च (वेदांत समाचार) । नगर पालिक निगम भिलाई के महापौर नीरज पाल ने अपने कार्यकाल का अंतिम बजट पेश किया, जिसमें शहर के विकास के लिए 851 करोड़ 28 लाख 47 हजार रुपये का प्रावधान रखा गया। हालांकि बजट पेश होते ही सदन में भारी हंगामा देखने को मिला।
बजट में क्या है खास
प्रस्तावित बजट के अनुसार कुल आय 851.28 करोड़ रुपये आंकी गई है, जबकि 740.23 करोड़ रुपये व्यय का अनुमान है। वर्ष के अंत में 111.05 करोड़ रुपये शेष रहने का अनुमान जताया गया है। आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आय का अनुमान 171 करोड़ रुपये रखा गया है।
आयुक्त की टिप्पणी पर भड़के पार्षद
बैठक के दौरान निगम आयुक्त राजीव पांडेय की एक टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा हो गया। आयुक्त ने चर्चा को “बुद्धिपूर्वक” करने की बात कही, जिस पर पक्ष-विपक्ष के पार्षद भड़क गए और इसे अपमानजनक बताते हुए माफी की मांग की।
निंदा प्रस्ताव लाकर हटाने की मांग
आयुक्त के बैठक से उठकर जाने के बाद सभी पार्षदों ने एकमत से उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया। पार्षदों ने लिखित रूप से हस्ताक्षर कर शासन से आयुक्त को हटाने की मांग करने का निर्णय लिया।
आयुक्त का सफाई बयान
आयुक्त राजीव पांडेय ने कहा कि उन्होंने किसी की बुद्धि पर सवाल नहीं उठाया, बल्कि चर्चा को व्यवस्थित रखने की बात कही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग निजी स्वार्थ के कारण उन्हें निशाना बना रहे हैं।
सदन में गरमाए अन्य मुद्दे
बैठक में शिक्षा उपकर, फ्री होल्ड, विकास कार्यों में अनियमितता और जांच लंबित रहने जैसे मुद्दों पर भी तीखी बहस हुई। विपक्ष ने कई मामलों में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए, वहीं सत्ता पक्ष ने भी जांच की मांग का समर्थन किया।
हंगामे के बीच बजट पारित
भारी हंगामे के बावजूद बजट को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम ने निगम की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक समन्वय पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटनाक्रम के बाद अब नजर शासन के अगले कदम पर टिकी है, कि आयुक्त के खिलाफ उठे विरोध पर क्या कार्रवाई होती है।
