बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर 2 सिनेमाघरों में रिलीज कर दी गई है और फिल्म की हर तरफ प्रशंसा की जा रही है. जाहिर है कि फिल्म में इतिहास की कहानी दिखाई गई है जिस लिहाज से इसमें बैकग्राउंड म्यूजिक के तौर पर कई सारे पुराने गानों को भी शामिल किया गया है. ये गाने जब फिल्म में बजते हैं तो अच्छी वाइब भी देते हैं और एक नॉस्टैल्जिक टच भी दे जाते हैं. ऐसा आपको पूरी फिल्म के दौरान देखने को मिलता रहेगा. फिल्म में कई कलाकारों के एंट्री सीन्स के साथ भी अलग-अलग गानों का इस्तेमाल किया गया है. इसमें कुछ तो विदेशी सिंगर्स और रैपर्स के भी गाने हैं. लेकिन इसमें पुरानों गानों को शामिल करना भी फिल्म पर अलग ही पॉजिटिव इम्पैक्ट डालता नजर आ रहा है.
धुरंधर द रिवेंज की शुरुआत में ही आपके कान तब खड़े हो जाएंगे जब एक सीन के दौरान यकलख्त ही राजेश खन्ना की फिल्म की एक कव्वाली बजने लग जाती है. इस कव्वाली को आपने टीवी पर या रेडियो पर जरूर सुना होगा. इसके बोल हैं कभी बेखुदी ने मारा. धुरंधर 2 के साथ ही एक बार फिर से इस कव्वाली का जिक्र छिड़ गया है.
धुरंधर 2 के किस सीन में है ये कव्वाली?
धुरंधर 2 फिल्म की शुरुआत में जब जसकीरत सिंह रांगी की बैकस्टोरी से होती है जिसके बाद फिल्म में मौजूदा दौर दिखाया जाता है. अब जसकीरत सिंह भारतीय एजेंट हमजा अली मजारी बन चुका है और दूसरे एजेंट मोहम्मद आलम से एक ढाबे में चाय पीते हुए बात कर रहा होता है. इस दौरान ही बैकग्राउंड में ये कव्वाली बजती है जो ध्यान खींचती है. कव्वाली के बोल हैं कभी बेकसी ने मारा, कभी बेखुदी ने मारा, गिला मौत से नहीं है, मुझे जिंदगी ने मारा. गाने के बजते ही कव्वाली के पुराने दौर की यादें ताजा हो जाती हैं. मजे की बात तो ये है कि फिल्म में जिस लोकेशन का ये सीन है वो स्टोरी और जगह तो पाकिस्तान की है. अब संगीत की कोई सरहद तो होती नहीं.
राजेश खन्ना की फिल्म की मशहूर कव्वाली
इस कव्वाली की डिटेलिंग की बात करें तो ये राजेश खन्ना की साल 1985 में आई फिल्म अलग अलग की कव्वाली है. इसके बोल लेजेंड्री गीतकार आनंद बख्शी ने लिखी है वहीं इसे मशहूर म्यूजिक डायरेक्टर रहे आर डी बर्मन ने कंपोज किया था. गाने को हरफनमौला सिंगर किशोर कुमार ने गाया था और अपनी वर्सेटाइल रेंज का परिचय दिया था. फिल्म में राजेश खन्ना के अपोजिट शशि कपूर और टीना अंबानी भी नजर आई थीं. इस कव्वाली की पॉपुलैरिटी का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि इसे यूट्यूब पर 100 मिलियन से ज्यादा व्यूज मिले हैं और धुरंधर 2 के बाद से लोग फिर से इस गाने को सुनते नजर आ रहे हैं और कमेंट में इस गीत से जुड़ी अपने हिस्से की यादें भी ताजा कर रहे हैं.
गायब सा हो गया कव्वालियों का दौर
कव्वाली का भी अपना एक दौर था. अब तो चुनिंदा खास मौकों पर ही इसकी प्रस्तुति नजर आती है. यहां तक कि बॉलीवुड के पुराने दौर में भी कव्वाली की एक विरासत रही है. अब किसी भी फिल्म में कव्वाली नजर नहीं आती. लेकिन एक दौर था जब बॉलीवुड की कॉमर्शियल फिल्मों में भी कव्वाली हुआ करती थी और खूब सुपरहिट भी होती थी. लेकिन बदलते दौर में कव्वाली की चमक-धमक कहीं गुम सी हो गई या यूं कहें कि खामोश ही हो गई. लेकिन धुरंधर फिल्म के जरिए एक बार फिर से कव्वाली के दौर की कुछ महक को जिंदा करने की कोशिश की गई है. पहले पार्ट में भी ना तो कारवां की तलाश है नाम की मन्ना डे की मशहूर कव्वाली को शामिल किया गया था. अब दूसरे पार्ट में इस कव्वाली को डाला गया है.
कैसा है धुरंधर 2 फिल्म का हाल?
वहीं धुरंधर 2 फिल्म की बात करें तो इस फिल्म ने रिलीज के साथ ही अपना जलवा बिखेरना शुरू कर दिया है. फिल्म ने रिपोर्ट्स के मुताबिक ओपनिंग डे पर 250 करोड़ की कमाई कर के दिखाई है. वहीं भारत में भी फिल्म की शानदार कमाई जारी है. अब देखने वाली बात होगी कि पहले वीकेंड में रणवीर सिंह की फिल्म का कलेक्शन कितना जाता है.
