दुर्ग,14 मार्च (वेदांत समाचार) : दुर्ग में एक व्यक्ति का मोबाइल फोन खो जाने के बाद अज्ञात लोगों ने UPI के जरिए उसके बैंक खाते से पैसे निकाल लिए गए। ठगों ने उसकी पत्नी के खाते से भी पैसे ट्रांसफर कर लिए। इसलिए 1 लाख 49 हजार 590 रुपए की ठगी की गई है। मामला छावनी थाना इलाके का है।
दरअसल, संतोषी पारा कैंप-02 मिलाई निवासी दुर्गा प्रसाद साहू (55) एलआईसी में एजेंट के रूप में काम करते हैं। 27 फरवरी की शाम वे पावर हाउस सब्जी मार्केट सब्जी खरीदने गए थे। इसी दौरान उनका मोबाइल फोन कहीं गुम हो गया। इसके बाद उसने नई सिम जारी करवा ली। इसके बाद उसे मोबाइल पर अकाउंट से पैसा निकलने का मैसेज आया।
मैसेज देखने के बाद दुर्गा प्रसाद साहू तुरंत बैंक पहुंचे और अपने खाते की जानकारी ली। तब पता चला कि उनके एक्सिस बैंक सुपेला स्थित खाते से यूपीआई के जरिए कई बार में पैसे ट्रांसफर किए गए हैं।
बैंक से मिली जानकारी के अनुसार, 27 फरवरी को 3300 रुपए, 28 फरवरी को 840 रुपए और 4 मार्च को 42 हजार, 50 हजार और 49 हजार रुपए ट्रांसफर किए गए। इस तरह उनके खाते से कुल 1 लाख 45 हजार 140 रुपए निकल गए।
खाता लिंक होने से पत्नी के एकाउंट से पैसे कटे
दुर्गा प्रसाद साहू ने बताया कि, उनके मोबाइल नंबर से उनकी पत्नी कविता साहू का बैंक खाता भी लिंक है। इसके बाद उन्होंने केनरा बैंक नंदनी रोड मिलाई में जाकर पत्नी के खाते की भी जांच करवाई। जांच में पता चला कि वहां से भी यूपीआई के जरिए पैसे निकाले गए हैं।
जानकारी के अनुसार 28 फरवरी को 280 रुपए, 1 मार्च को 2500 रुपए और 2 मार्च को 1670 रुपए ट्रांसफर किए गए। इस तरह पत्नी के खाते से कुल 4450 रुपए निकाले गए।
पति-पत्नी दोनों नहीं करते यूपीआई इस्तेमाल
पीड़ित का कहना है कि वे और उनकी पत्नी मोबाइल से यूपीआई का इस्तेमाल नहीं करते हैं। उन्हें शक है कि मोबाइल गुम होने के बाद किसी अज्ञात व्यक्ति ने फोन का इस्तेमाल कर यूपीआई आईडी बना ली और अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांसफर कर दिए। यह पूरा ट्रांजेक्शन 27 फरवरी से 4 मार्च के बीच किया गया। दुर्गा प्रसाद साहू ने छावनी थाने पहुंचकर पूरे मामले की लिखित शिकायत दी।
जांच में जुटी पुलिस
पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि बैंक ट्रांजेक्शन और यूपीआई आईडी की जानकारी के आधार पर जांच की जा रही है। कोशिश की जा रही है कि जिन खातों में पैसे ट्रांसफर हुए हैं, उनका पता लगाया जाए और आरोपी तक पहुंचा जा सके।

