ईरान,14 मार्च : ईरान से जारी सैन्य तनाव के बीच अमेरिका को बड़ा झटका लगा है। अमेरिकी सेना का एक ईंधन आपूर्ति करने वाला सैन्य विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें सवार छह क्रू सदस्यों में से चार की मौत हो गई, जबकि दो अन्य को बचा लिया गया। यह घटना उस समय हुई जब विमान हवा में दूसरे लड़ाकू विमानों को ईंधन उपलब्ध कराने के मिशन पर था। अमेरिकी सैन्य कमान ने बताया कि शुरुआती जांच में यह संकेत नहीं मिला है कि विमान को किसी दुश्मन हमले या गोलीबारी का सामना करना पड़ा था। घटना के वास्तविक कारणों की जांच जारी है।
दो विमानों की मौजूदगी से बढ़ी टक्कर की आशंका
अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के अनुसार इस घटना में दो विमान शामिल थे। दुर्घटनाग्रस्त हुआ विमान बोइंग का केसी-135 टैंकर था, जिसका उपयोग हवा में ही अन्य सैन्य विमानों को ईंधन भरने के लिए किया जाता है। सोशल मीडिया पर सामने आए कुछ वीडियो और तस्वीरों में एक अन्य ईंधन टैंकर विमान को तेल अवीव के हवाई अड्डे पर उतरते हुए देखा गया, जिसके पिछले हिस्से को नुकसान पहुंचा हुआ था। इसके बाद कई रिपोर्टों में यह आशंका जताई गई कि दोनों विमान हवा में एक-दूसरे के संपर्क में आ गए होंगे, जिससे एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हालांकि अधिकारियों ने अभी तक इस संभावना की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
युद्ध में अमेरिका को लगातार नुकसान
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक मौजूदा सैन्य अभियान के दौरान अमेरिका को कई तरह के नुकसान का सामना करना पड़ा है। बताया जा रहा है कि इस संघर्ष में अब तक चार अमेरिकी विमान नष्ट हो चुके हैं। इसके अलावा अमेरिका की उन्नत वायु रक्षा प्रणाली के एक महत्वपूर्ण रडार को भी नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं। इन घटनाओं ने युद्ध की तीव्रता और उससे जुड़े जोखिमों को और स्पष्ट कर दिया है।
केसी-135 विमान की अहम भूमिका
केसी-135 स्ट्रैटोटैंकर अमेरिकी वायुसेना के सबसे महत्वपूर्ण विमानों में से एक माना जाता है। यह विमान उड़ान के दौरान ही अन्य लड़ाकू विमानों को ईंधन उपलब्ध कराने की क्षमता रखता है, जिससे लंबे समय तक हवाई अभियानों को जारी रखना संभव हो पाता है। इस विमान में चार शक्तिशाली टर्बोफैन इंजन लगे होते हैं और यह भारी मात्रा में ईंधन तथा उपकरण लेकर लंबी दूरी तक उड़ान भर सकता है। पिछले कई दशकों से अमेरिकी सैन्य अभियानों में इसका व्यापक उपयोग किया जाता रहा है।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई
फिलहाल अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने इस दुर्घटना की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसे के पीछे तकनीकी खराबी, मानवीय त्रुटि या किसी अन्य कारण की भूमिका थी।
