तेहरान,14 मार्च। अमेरिका और इस्राइल के साथ चल रहे संघर्ष के बीच ईरान ने भारतीय जहाज को होर्मुज स्ट्रेट के पास रोक दिया है। इस जहाज में 34 सदस्यीय चालक दल है और यह 36 लाख घरेलू गैस सिलेंडर (एलपीजी) लेकर जा रहा था। जहाज के कप्तान वीरेंद्र विश्वकर्मा और क्रू मेंबर लगातार मदद के लिए गुहार लगा रहे हैं।
यह टैंकर कुवैत के मीना अल अहमदी बंदरगाह से गुजरात के दीनदयाल कांडला बंदरगाह के लिए रवाना हुआ था। लेकिन 28 फरवरी से इस समुद्री मार्ग पर लगे प्रतिबंधों के कारण जहाज आगे नहीं बढ़ सका। फिलहाल यह जहाज संयुक्त अरब अमीरात के पास मीना साकर बंदरगाह क्षेत्र में लंगर डाले खड़ा है और आगे बढ़ने की अनुमति का इंतजार कर रहा है।
ईरान ने इस्राइल पर दागीं कई मिसाइलें
इस्राइल की सेना ने कहा है कि ईरान की ओर से कुछ समय पहले इस्राइल की दिशा में मिसाइलें दागी गई हैं। सेना के अनुसार इन हमलों को रोकने के लिए देश की वायु रक्षा प्रणालियां सक्रिय कर दी गई हैं। प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों और शेल्टर में जाने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने कहा है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और अगली सूचना तक सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
ईरान ने अमेरिका और इस्राइल खिलाफ ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ की 46वीं लहर शुरू की
ईरान के खतम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता एब्राहीम जोल्फाघरी ने शनिवार को टीवी पर संदेश जारी करते हुए कहा कि अमेरिका और जायनिस्ट हर उस खून की कीमत चुकाएंगे जो अन्याय से बहाया गया और हुए नुकसान का मुआवजा देंगे। जोल्फाघरी ने बताया कि ईरान की एयर डिफेंस सिस्टम्स ने देश के आकाश की रक्षा के तहत कई ड्रोन नष्ट किए हैं। उन्होंने कहा कि फिरोजाबाद और बंदर अब्बास में दो MQ‑9 ड्रोन और त्ब्रिज के आसमान में एक ड्रोन को रोककर गिराया गया। उन्होंने दावा किया कि अब तक कुल 112 ड्रोन और लड़ाकू विमान नष्ट किए जा चुके हैं, जिनमें लड़ाकू, निगरानी और सुसाइड ड्रोन शामिल हैं।
