Vedant Samachar

IIT की टेक्नोलॉजी से लग्जरी बनी ये फ्रेंच कार, इस दिन भारत में होगी लॉन्च, जानें क्या है खासियत

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रेनॉ डस्टर की भारत में एक बार फिर से वापसी होने जा रही है. यह फ्रेंच कार मेकर रेनॉ का इंडिया में काफी पॉपुलर मॉडल है, जिसे कुछ सालों पहले बंद कर दिया गया था. हालांकि, अब नए अवतार में इसकी वापसी हो रही है. खास बात ये है कि इस बार फ्रेंच कार को डिजाइन करने में IIT कानपुर की अहम भूमिका है.

कंपनी के अनुसार, उसकी डिजाइन और डेवलपमेंट टीम ने IIT कानपुर के साथ मिलकर वहां की आधुनिक नेशनल विंड टनल फैसिलिटी (NWTF) का इस्तेमाल किया. यहां कार की एयरोडायनामिक्स (हवा के साथ कार का व्यवहार) की जांच की गई और खास तौर पर कार के अंदर आने वाली हवा की आवाज को कम करने के लिए कई टेस्ट किए गए.

इंटीरियर को बनाया खास
रेनॉ इंडिया का दावा है कि उसकी नई मिड-साइज SUV डस्टर में आर्टिक्यूलेशन इंडेक्स (AI) 73% है, जो इस सेगमेंट में सबसे अच्छा है. इसका मतलब है कि कार के केबिन के अंदर आवाज और वाइब्रेशन (NVH) बहुत कम हैं. नई डस्टर को भारत में 17 मार्च को लॉन्च किया जाएगा.

कार के अंदर नहीं होगा शोर
रेनॉ इंडिया के चीफ ऑफ इंजीनियरिंग विक्रमन वी ने कहा कि देश के शीर्ष इंजीनियरिंग संस्थानों में से एक IIT कानपुर के साथ काम करना हमारे लिए गर्व की बात है. नई डस्टर की एयरोडायनामिक्स हमने IIT कानपुर के साथ मिलकर विकसित की है. Articulation Index एक ऐसा माप है जिससे पता चलता है कि कार के अंदर बैठे लोग आपस में कितनी साफ आवाज में बात कर सकते हैं. अगर AI कम हो, तो इसका मतलब है कि बाहर की आवाजें जैसे इंजन, सड़क और हवा की आवाज ज्यादा अंदर आ रही हैं.

ग्लोबल मॉडल से अलग होगी कार
कंपनी ने नई Duster की एयरोडायनामिक्स को बेहतर बनाने के लिए कई कंप्यूटर-एडेड इंजीनियरिंग (CAE) टूल्स का भी इस्तेमाल किया. इससे नई SUV में ड्रैग कोएफिशिएंट 13% कम हुआ है, यानी हवा का दबाव कम पड़ता है. विक्रमन ने बताया कि भारत में बनने वाली डस्टर, जो कंपनी के ग्लोबल मॉड्यूलर प्लेटफॉर्म पर बनी है, वैश्विक मॉडल से लगभग 50 मिमी ज्यादा ऊंची है. इसमें ज्यादा ग्राउंड क्लीयरेंस और ऊंचा केबिन दिया गया है, क्योंकि भारतीय मॉडल में पैनोरमिक सनरूफ भी है.

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