Vedant Samachar

मेंगलुरु में कोरबा के मजदूर लापता, एक का शव बरामद; परिजनों ने एजेंट पर उठाए सवाल

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छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से मजदूरी करने कर्नाटक के मेंगलुरु गए पांच मजदूरों में से दो के लापता होने का मामला सामने आया है। इनमें से एक मजदूर का शव बरामद होने की सूचना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। मृतक की पहचान रविदास के रूप में की जा रही है, हालांकि पुलिस ने अंतिम पुष्टि के लिए डीएनए परीक्षण कराने की बात कही है। मामले की जांच मेंगलुरु पुलिस द्वारा की जा रही है और परिजनों को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया है।

जानकारी के अनुसार कोरबा जिले के बांकी मोंगरा थाना क्षेत्र अंतर्गत देवरी ग्राम पंचायत की तेंदूकोन्हा बस्ती के निवासी भंवर साय, रविदास, खमन दास, अजय यादव और ईश्वर सिंह 11 फरवरी को मजदूरी के लिए मेंगलुरु गए थे। इन मजदूरों को काम दिलाने की व्यवस्था झारखंड के एक एजेंट गोविंद द्वारा की गई थी। सभी मजदूर ट्रेन से मेंगलुरु पहुंचे थे।

बताया जा रहा है कि मेंगलुरु पहुंचने के बाद अचानक दो मजदूर लापता हो गए। मजदूर खमन दास और अजय यादव के मुताबिक वे सभी स्टेशन के बाहर चाय पीने गए थे। इसी दौरान रविदास अचानक गायब हो गया। कुछ समय बाद भंवर साय भी वहां से लापता हो गया। काफी खोजबीन के बाद भी दोनों का कोई सुराग नहीं मिला, जिसके बाद पुलिस को इसकी सूचना दी गई।

इधर मेंगलुरु पुलिस को एक अज्ञात शव बरामद हुआ है, जिसे प्राथमिक तौर पर रविदास का बताया जा रहा है। हालांकि शव की पक्की पहचान के लिए डीएनए टेस्ट कराने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया है और लापता मजदूर भंवर साय की तलाश जारी है।

घटना की जानकारी मिलने के बाद कोरबा जिले के देवरी क्षेत्र में चिंता का माहौल है। रविदास के परिजन और उनके साथ गए तीनों मजदूर रविवार को दोबारा मेंगलुरु जाने वाले हैं, जहां वे पुलिस थाने में अपने बयान दर्ज कराएंगे और मामले की जानकारी देंगे।

मृतक और लापता मजदूरों के परिजनों ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है। उन्होंने मजदूरों को काम के लिए ले जाने वाले एजेंट गोविंद की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। परिजनों का कहना है कि मजदूरों की सुरक्षा की जिम्मेदारी एजेंट और संबंधित लोगों की थी।

इस घटना से कोरबा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में दहशत और चिंता का माहौल बन गया है। स्थानीय लोगों ने लापता मजदूरों की सुरक्षित वापसी की उम्मीद जताते हुए पुलिस से जल्द से जल्द मामले का खुलासा करने की मांग की है। साथ ही सरकार से बाहर राज्यों में काम करने जाने वाले मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस व्यवस्था करने की अपील भी की जा रही है।

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