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अनोखी सोच संस्था ने निभाया मानवता का धर्म, असहाय महिला का कराया अंतिम संस्कार — दो मासूम बच्चे हुए अनाथ

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अम्बिकापुर,07 मार्च (वेदांत समाचार)। मानवता और संवेदनशीलता की एक मार्मिक मिसाल उस समय देखने को मिली जब अनोखी सोच संस्था ने एक असहाय और गरीब महिला का पूरे विधि-विधान के साथ अंतिम संस्कार कराया। संस्था हमेशा से ऐसे लोगों के अंतिम संस्कार का दायित्व उठाती रही है जिनका इस दुनिया में कोई सहारा नहीं होता।

ग्राम चितरपुर, पोस्ट डूमरडीह – लुंड्रा की निवासी मृतिका यशोदा गुप्ता ( उम्र 32 वर्ष) का उपचार विगत दो दिनों से मेडिकल कॉलेज अम्बिकापुर में चल रहा था । गंभीर बीमारी से जूझ रही यशोदा गुप्ता ने दिनांक 7 मार्च 2026 को मेडिकल कॉलेज में अंतिम सांस ली।

यशोदा गुप्ता विधवा थीं और अपने दो छोटे बच्चों गणेश गुप्ता (उम्र 10 वर्ष) और मनीष गुप्ता (उम्र 5 वर्ष) के साथ अपने पिता के घर रह रही थीं। परिवार अत्यंत गरीब स्थिति में जीवन यापन कर रहा था। बच्चों के पिता का साया पहले ही उनके सिर से उठ चुका था और अब मां के निधन के बाद दोनों मासूम बच्चे पूरी तरह अनाथ हो गए।

महिला की मृत्यु के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि उनके पास अंतिम संस्कार करने के लिए न पर्याप्त लोग थे और न ही कोई संसाधन। ऐसी कठिन परिस्थिति में मेंडिकल कॉलेज में कार्यरत एक नर्स ने उन्हें अनोखी सोच संस्था से संपर्क करने की सलाह दी। इसके बाद संस्था के अध्यक्ष सूर्य प्रकाश साहू से संपर्क किया गया।

सूचना मिलते ही संस्था के सदस्य तुरंत आगे आए और मृतिका यशोदा गुप्ता का पूरे विधि-विधान और धार्मिक परंपराओं के अनुसार अंतिम संस्कार कराया। दाह संस्कार के दौरान जो दृश्य सामने आया वह बेहद भावुक कर देने वाला था।


सिर्फ 10 साल का मासूम बेटा गणेश गुप्ता अपनी मां की चिता को काँपते हाथों से मुखाग्नि दे रहा था। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें भर आईं। संस्था के सदस्य भी अपने आंसू नहीं रोक पाए और बेहद नम आंखों के साथ बेहद भावुक माहौल में अंतिम विदाई दी गई।

अनोखी सोच संस्था के अध्यक्ष सूर्य प्रकाश साहू ने कहा कि संस्था हमेशा जरूरतमंदों और असहाय लोगों की मदद के लिए तत्पर रहती है। दोनों बच्चों के लालन पालन की ज़िम्मेदारी अब उनके बुढ़े नाना के कंधों पर रह गई जिसे देखते हुए संस्था द्वारा दोनों बच्चों की जिम्मेदारी उठाने और उनकी पढ़ाई-लिखाई तथा अन्य आवश्यक जरूरतों में हर संभव सहयोग करने का आश्वासन दिया। तत्काल रूप से बच्चों को कुछ आवश्यक सामग्री भी प्रदान की गई।

अंतिम संस्कार के दौरान संस्था के सदस्य प्रकाश साहू, मोती ताम्रकर, संजू चटर्जी सुनील साहू, अजय ताम्रकर, रूपेश बेहेरा, समित मुंडा, देव साहू, ननकु मुंडा, बिट्टू मिश्रा,गजानंद साहू, निशांत जयसवाल, गोपी साहू , रोहित सिंह, गुड्डू, लाला साहू, सौरभ दास, अजय साहू, नीरज साहू,मनोज अग्रवाल, सत्यम साहू, विकाश, अंशु पाल एवं अन्य सदस्य उपस्थित रहे और सभी ने नम आंखों से दिवंगत आत्मा को अंतिम विदाई दी।

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