Vedant Samachar

बिना लाइसेंस के होगा 100 बिस्तरों वाले ‘शिवाय हॉस्पिटल’ का उद्घाटन? निरीक्षण और स्वास्थ्य समिति की मंजूरी से पहले शुभारंभ पर उठे सवाल

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कोरबा,07 मार्च (वेदांत समाचार)। ट्रांसपोर्ट नगर में आज 7 मार्च को उद्घाटित होने जा रहा 100 बिस्तरों वाला अत्याधुनिक “शिवाय हॉस्पिटल” भव्य शुभारंभ से पहले ही चर्चा में आ गया है। उद्घाटन समारोह में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन, कटघोरा विधायक, महापौर, जिला पंचायत अध्यक्ष तथा भाजपा जिला अध्यक्ष के शामिल होने की जानकारी दी गई है।

इधर उद्घाटन से ठीक पहले एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि क्या यह अस्पताल बिना वैध लाइसेंस के ही शुरू किया जा रहा है। चर्चा है कि अस्पताल प्रबंधन ने अभी तक नर्सिंग होम एक्ट के तहत संचालन की अनुमति प्राप्त नहीं की है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या अतिथियों को वास्तविक स्थिति की जानकारी है या फिर उन्हें अंधेरे में रखकर अस्पताल का औपचारिक उद्घाटन कराया जा रहा है।

जानकारों के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग के नियमों के अनुसार किसी भी निजी अस्पताल, नर्सिंग होम या क्लीनिक का संचालन नर्सिंग होम एक्ट के तहत विधिवत लाइसेंस मिलने के बाद ही किया जा सकता है। बिना लाइसेंस के अस्पताल संचालन करना नियमों का उल्लंघन माना जाता है। विभागीय सूत्रों के अनुसार “शिवाय हॉस्पिटल” को अभी तक इस अधिनियम के तहत लाइसेंस प्राप्त नहीं हुआ है।

बताया जा रहा है कि अस्पताल प्रबंधन ने 2 मार्च 2026 को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय में नर्सिंग होम एक्ट के तहत लाइसेंस के लिए आवेदन दिया है। आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेज जमा करने का दावा किया गया है, लेकिन केवल आवेदन देने से अस्पताल संचालन की अनुमति नहीं मिल जाती।

नियमों के अनुसार लाइसेंस जारी होने से पहले स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा अस्पताल का निरीक्षण किया जाता है। निरीक्षण के दौरान भवन की संरचना, सुरक्षा व्यवस्था, चिकित्सा उपकरण, चिकित्सकीय स्टाफ की योग्यता, आपातकालीन सुविधाएं, स्वच्छता व्यवस्था और मरीजों की सुरक्षा से जुड़े कई बिंदुओं की जांच की जाती है। सूत्रों के मुताबिक अभी तक स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा अस्पताल का निरीक्षण भी नहीं किया गया है।

निरीक्षण के बाद नोडल अधिकारी अपनी रिपोर्ट तैयार कर उसे जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में प्रस्तुत करते हैं। समिति की स्वीकृति मिलने के बाद ही लाइसेंस जारी किया जाता है। ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि जब निरीक्षण और समिति की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है, तो 7 मार्च को अस्पताल का उद्घाटन और संभावित संचालन किस आधार पर किया जा रहा है।

स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि अस्पताल चाहे कितना भी आधुनिक क्यों न हो, यदि उसके पास वैध लाइसेंस नहीं है तो उसका संचालन नियमों के खिलाफ माना जाएगा।

इस संबंध में “शिवाय हॉस्पिटल” के डायरेक्टर डॉ. दिविक एच. मित्तल या अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

कोरबा जैसे औद्योगिक शहर में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं वाले अस्पतालों की आवश्यकता से इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग के नियमों और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन भी उतना ही आवश्यक माना जा रहा है।

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