कोरबा,05मार्च (वेदांत समाचार)। जिले में इस बार होली का त्योहार केवल रंग और उमंग तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक जुड़ाव का भी संदेश देता नजर आया। पुलिस विभाग ने सोशल पुलिसिंग के तहत एक सराहनीय पहल करते हुए सर्वमंगला स्थित प्रशांति वृद्धाश्रम में बुजुर्गों के साथ होली मनाई। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने बुजुर्गों से मुलाकात कर उनका सम्मान किया, उन्हें फूल भेंट किए और उनके साथ आत्मीयता से समय बिताया।
होली के अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीतीश ठाकुर, सीएसपी श्री चतुर्वेदी तथा कुसमुंडा थाना प्रभारी मृत्युंजय पांडे अपनी टीम के साथ प्रशांति वृद्धाश्रम पहुंचे। यहां उन्होंने बुजुर्गों को फूल और गुलाल अर्पित कर होली की शुभकामनाएं दीं। अधिकारियों ने बुजुर्गों के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लिया और कुछ समय उनके साथ बैठकर बातचीत की।
रंगों और फूलों के बीच सजे इस कार्यक्रम में माहौल बेहद आत्मीय और भावुक रहा। वृद्धाश्रम में रहने वाले कई बुजुर्ग पुलिस अधिकारियों के इस व्यवहार से भावुक हो उठे। उन्होंने कहा कि त्योहार के मौके पर पुलिस का इस तरह उनके बीच आना उनके लिए बेहद सुखद अनुभव है। इससे उन्हें अपनापन और सम्मान का एहसास हुआ।
इस मौके पर पुलिस अधिकारियों ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है, लेकिन समाज के हर वर्ग के साथ विश्वास और संवाद कायम करना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने बताया कि सोशल पुलिसिंग का उद्देश्य समाज और पुलिस के बीच की दूरी को कम करना तथा भरोसे का रिश्ता मजबूत करना है।
अधिकारियों ने कहा कि बुजुर्ग समाज की धरोहर होते हैं और उनके अनुभव से समाज को दिशा मिलती है। ऐसे में त्योहारों के अवसर पर उनके बीच पहुंचकर खुशियां बांटना पुलिस की सामाजिक जिम्मेदारी का हिस्सा है।
वृद्धाश्रम के बुजुर्गों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस का यह मानवीय और संवेदनशील चेहरा समाज के लिए सकारात्मक संदेश देता है। होली के अवसर पर पुलिस की इस पहल ने यह साबित कर दिया कि सुरक्षा के साथ संवेदना और मानवीय रिश्तों को मजबूत करना भी उतना ही जरूरी है।

