दुर्ग ,02मार्च (वेदांत समाचार)। दुर्ग जिले में मंत्रालय और अन्य विभागों में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले पति-पत्नी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों ने मिलकर 10 लाख रुपए की ठगी की। मामला पदमनाभपुर थाना क्षेत्र का है। आरोपियों ने पहले मंत्रालय में सहायक ग्रेड-3 की नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया। नौकरी नहीं लगने पर पीड़ित को एनटीपीसी में एई पद पर नियुक्ति दिलाने की बात कही। इसी नाम पर रकम वसूली गई।
बाद में ई-मेल से फर्जी नियुक्ति पत्र भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, बोरीगारका के रहने वाले रविकांत साहू ने शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि प्रिया देशमुख और प्रशांत कुमार देशमुख ने मंत्रालय में सहायक ग्रेड-3 पद पर नौकरी लगवाने का आश्वासन दिया। इसके बदले अलग-अलग किस्तों में रकम ली गई। मंत्रालय में नौकरी नहीं लगने पर आरोपियों ने एनटीपीसी में एई पद दिलाने की बात कही। इस बहाने लगातार पैसे लिए जाते रहे। दोनों ने कुल 10 लाख रुपए अलग-अलग किस्तों में ले लिए। बाद में पीड़ित को एनटीपीसी का फर्जी नियुक्ति पत्र ई-मेल से भेजा गया।
दस्तावेज देखकर कुछ समय तक भरोसा रहा। जॉइनिंग प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी तो शक हुआ। जांच में नियुक्ति पत्र नकली निकला। शिकायत के बाद पदमनाभपुर थाना में केस दर्ज किया गया। जांच के दौरान प्रिया देशमुख (36), निवासी न्यू आदर्श नगर को 28 फरवरी 2026 को गिरफ्तार किया गया। सह-आरोपी प्रशांत कुमार देशमुख (49), निवासी न्यू आदर्श नगर को 1 मार्च 2026 को गिरफ्तार कर कोर्ट पेश किया गया।
जहां से दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से फर्जी नियुक्ति पत्र की ई-मेल प्रिंट कॉपी, मोबाइल फोन सहित अन्य दस्तावेज जब्त किए। मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच जारी है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं और लोगों से इसी तरह ठगी तो नहीं हुई।
