कई लोग यह मानते हैं कि जितना ज़्यादा पानी पिएंगे, उतना शरीर और किडनी के लिए अच्छा होगा. किडनी का काम खून को साफ करना, शरीर से जरूरी और टॉक्सिक पदार्थों को अलग करना और पेशाब के ज़रिए बाहर निकालना होता है. पानी इस प्रक्रिया में मदद करता है, लेकिन जब पानी जरूरत से ज़्यादा लिया जाता है, तो किडनी पर अधिक दबाव पड़ सकता है. ऐसे में शरीर का प्राकृतिक संतुलन बिगड़ने लगता है.
ज्यादा पानी पीने पर बार-बार पेशाब आना, शरीर में सूजन महसूस होना, सिरदर्द, थकान, मतली और कभी-कभी चक्कर जैसे लक्षण दिख सकते हैं. कुछ लोगों को हाथ-पैर भारी लगने लगते हैं और नींद भी ठीक से नहीं आती. यह संकेत बताते हैं कि शरीर को जितना पानी चाहिए था, उससे अधिक लिया जा रहा है. आइए जानते हैं कि ज्यादा पानी पीने से किडनी को कैसे नुकसान होता है.
ज्यादा पानी पीने से किडनी को कैसे नुकसान होता है?
आरएमएल हॉस्पिटल में मेडिसिन विभाग में डायरेक्टर प्रोफेसर डॉ. सुभाष गिरि बताते हैं कि जब व्यक्ति लगातार जरूरत से ज्यादा पानी पीता है, तो किडनी को उसे बार-बार छानकर बाहर निकालना पड़ता है. इससे किडनी की क्षमता पर अधिक दबाव पड़ता है. ज्यादा पानी के कारण शरीर में नमक और दूसरे इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बिगड़ सकता है, जिससे सोडियम का स्तर कम हो जाता है.
इस स्थिति में सेल्स में पानी भरने लगता है, जो दिमाग और मांसपेशियों के लिए नुकसानदायक हो सकता है. किडनी ठीक से काम न कर पाए तो पेशाब का रंग बहुत हल्का हो जाना या बार-बार पेशाब आना भी संकेत हो सकता है. लंबे समय तक ऐसा रहने पर पहले से कमजोर किडनी वालों में समस्या बढ़ सकती है. इसलिए जरूरत से ज्यादा पानी पीना भी किडनी के लिए जोखिम बन सकता है.
कितना पानी पिएं?
हर व्यक्ति के लिए पानी की जरूरत एक जैसी नहीं होती. यह उम्र, वजन, मौसम, शारीरिक मेहनत और स्वास्थ्य पर निर्भर करती है. सामान्य तौर पर दिन में 2 से 3 लीटर पानी काफी माना जाता है. गर्मी में या ज्यादा पसीना आने पर थोड़ी मात्रा बढ़ाई जा सकती है.
सबसे आसान तरीका है प्यास लगने पर पानी पीना और पेशाब के रंग पर ध्यान देना. हल्का पीला रंग सामान्य माना जाता है. अगर पेशाब बिल्कुल साफ है और बार-बार आ रहा है, तो यह ज्यादा पानी पीने का संकेत हो सकता है. डॉक्टर की सलाह के बिना जरूरत से ज्यादा पानी पीने की आदत नहीं डालनी चाहिए.
किडनी के लिए ये भी जरूरी
किडनी को स्वस्थ रखने के लिए सिर्फ पानी ही नहीं, बल्कि संतुलित लाइफस्टाइल भी जरूरी है. नमक का सेवन सीमित रखें और तली-भुनी चीजों से बचें. नियमित समय पर खाना खाएं और पर्याप्त नींद लें.
लंबे समय तक दर्द की दवाएं बिना सलाह के न लें, क्योंकि वे किडनी को नुकसान पहुंचा सकती हैं. ब्लड प्रेशर और शुगर को कंट्रोल रखना भी किडनी के लिए बहुत अहम है. हल्की-फुल्की एक्सरसाइज और समय-समय पर हेल्थ चेकअप किडनी की सेहत बनाए रखने में मदद करते हैं.
