बेमेतरा,01मार्च (वेदांत समाचार) । जिला चिकित्सालय बेमेतरा में संचालित एस.एन.सी.यू. नवजात शिशु के लिए जीवनदाई साबित हो रहा है, सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ लोकेश साहू के नेतृत्व में संचालित यह एस एन सी यू विभाग में अभी तक लगभग 1500 से अधिक नवजात शिशुओं का सफल ईलाज किया जा चूका है।
इनमें नवजात जन्म के पश्चात कई गंभीर बिमारीयों जिनमें प्रमुख रूप से जन्म के पश्चात तुरन्त न रोना या देर से रोना, मीकोनियम एसपिरेशन, पीलिया श्वास नली में दिक्कत शॉक मस्ष्तिक संबधित गंभीर तकलीफ कन्जेनाईटल मॉलफारमेशन हाईपरथर्मिया, हाईपोग्लाशिमिया बच्चे को झटका आना ब्लीडिंग डाइरिया सॉस लेने में तकलीफ आदि कई बिमारियो के कारण एस.एन.सी.यू. में नवजात शिशु को भर्ती कर ईलाज किया जाता है, इनमें से प्रमुख बच्चों के भर्ती होने का कारण होता है प्रिमेच्योर व कम वजन का होना जिसमें समय से पूर्व प्रसव है इन बच्चो को बचा पाना बहूत ही मुश्किल होता है। ऐसे बच्चों को लंबे समय तक एक अच्छे केयर की जरूरत होती है इसमें माताओं को भी एस.एन.सी.यू. में मदर यूनिट में रखकर निरंतर बच्चों के सही देखभाल के विषय में काउंसिलिग कर यह समझाया जाता है कि ऐसे नवजात को कैसे दूध पिलाना है, दूध पिलाने के बाद डकार दिलाने का महत्व कंगारू मदर केयर (के.एम.सी.) आदि कैसे दिया जाना है।
बताया जाता है जिससे नवजात का सही व टारगेटेट वजन कैसे बढ़े निर्भर करता है। एस.एन.सी.यू.में अब तक लगभग 159 प्रिमैच्योर व कम वजन के बच्चे भर्ती हुए जिनका डॉ. दीपक कुमार निराला शिशु रोग विशेषज्ञ एवं प्रशिक्षित स्टॉफ द्वारा उनका सफल ईलाज देखभाल कर डिस्चार्ज किया गया, अगर एस.एन.सी.यू. में अब तक संपूर्ण भर्ती की बात करे तो अब तक एस.एन.सी.यू. में लगभग 1500 बच्चे अन्य अलग-अलग बिमारियों के कारण भर्ती कर ईलाज किए जा चुके है।
इसी प्रकार एस.एन.सी.यू. मे बेबी ऑफ वामिनी बारले पिता बालक दास बारले (ग्राम, डगनिया ब्लॉक बेरला जिला बेमेतरा) अपने कम वजन के कारण जिसका वजन मात्र 0.900 ग्राम था भर्ती किया गया था जो कि एस.एन.सी.यू. जनवरी 6 को भर्ती हुआ था और लगभग एक माह तक एस.एन.सी.यू. में भर्ती था व अतंतः नवजात छुट्टी के समय 1.530 ग्राम वजन का हो चुका था इसी प्रकार से जिला चिकित्सालय में संचालित एस.एन.सी.यू. में ऐसे कई गंभीर बिमारियों का सिविल सर्जन डॉ लोकेश साहू के नेतृत्व पर डॉ. दीपक कुमार निराला के द्वारा सफल ईलाज किया जा रहा है। वर्तमान में एम सी एच में पदस्थ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ नीतेश चौबे के आने पर बच्चों के ईलाज सुविधा से क्षेत्र में बेमेतरा जिला वासियों को शिशु रोग के इलाज सुविधा में बढ़ोत्तरी हुई है।
स्वच्छता का रखा जाता है विशेष रूप से ध्यान :
सिविल सर्जन डॉ लोकेश साहू ने बताया कि मातृ एवं शिशु अस्पताल में भर्ती होने वाले गर्भवती महिलाओं,प्रसव कक्ष,बच्चों को लेकर स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाता है जिससे जच्चा बच्चा को किसी प्रकार के संक्रमण का सामना न करना पड़े इसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी स्वच्छता गाइडलाईन तहत कार्य संपादित किया जाता है।
