उत्तर प्रदेश,01मार्च। रिश्तों को कलंकित कर देने वाली एक दिल दहला देने वाली घटना उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से सामने आई है, जहां पांच वर्षीय मासूम आयशा की हत्या के मामले में पुलिस ने जो खुलासा किया है, उसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। जिस पिता पर बेटी की सुरक्षा और परवरिश की जिम्मेदारी थी, उसी ने अपनी दूसरी पत्नी के साथ मिलकर अपनी ही बेटी को मौत के घाट उतार दिया।
पुलिस जांच के अनुसार, आयशा अपनी सगी मां आसमा बानो के साथ नगर कोतवाली क्षेत्र के दहिलामऊ इलाके में रह रही थी। करीब 10 से 12 दिन पहले उसका पिता नियाजुद्दीन उसे यह कहकर अपने साथ मांधाता थाना क्षेत्र के शोभीपुर गांव ले गया कि वह बच्ची को उसके दादा-दादी से मिलवाना चाहता है। परिवार को इस बात का अंदेशा भी नहीं था कि मासूम को एक सोची-समझी साजिश के तहत उसकी मां से दूर ले जाया जा रहा है।
जांच के दौरान जो वजह सामने आई, वह और भी चौंकाने वाली है। पुलिस के मुताबिक नियाजुद्दीन की दूसरी पत्नी साबिया बानो को इस बात का डर था कि यदि आयशा घर में रही तो भविष्य में नियाजुद्दीन अपनी पहली पत्नी आसमा बानो को भी वापस बुला सकता है। इसी असुरक्षा और जलन की भावना में उसने बच्ची को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। इस साजिश में पिता ने भी उसका पूरा साथ दिया।
दो दिन पहले आयशा का शव घर की छत पर संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। प्रारंभ में इसे हादसा या लापता होने का मामला समझा जा रहा था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरे मामले से पर्दा उठा दिया। रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि बच्ची की मौत दम घुटने, यानी एस्फिक्सिया (Asphyxia) से हुई है। पुलिस पूछताछ में सौतेली मां साबिया बानो ने स्वीकार किया कि उसने आयशा का मुंह और नाक इतनी जोर से दबाया कि उसकी सांसें थम गईं। हत्या के बाद शव को छत पर लेटाकर लापता होने का नाटक रचा गया और खुद ही बच्ची को ढूंढने का दिखावा किया गया, ताकि किसी को शक न हो।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) शैलेंद्र लाल ने बताया कि मृतका की सगी मां की शिकायत और जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को परसरामपुर स्थित एक मदरसे के पास से गिरफ्तार कर लिया। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि पिता को पूरी साजिश की पहले से जानकारी थी और उसने हत्या में सक्रिय भूमिका निभाई।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। घटना के बाद इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। मासूम आयशा की दर्दनाक मौत ने एक बार फिर समाज को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि रिश्तों की आड़ में छिपी ऐसी क्रूरता कितनी भयावह हो सकती है।
