Vedant Samachar

पहले पैसों का लालच देकर बैंक में खुलवाया खाताफिर पैसे देकर एकाउंट खरीदा और उसमें ऑनलाइन गेमिंग के पैसों का करने लगे ट्रांजेक्शन

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दुर्ग ,01मार्च (वेदांत समाचार)।दुर्ग जिले के पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र में ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर चल रहे अवैध लेन-देन के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने म्यूल अकाउंट के जरिए सायबर ठगी के पैसे और ऑनलाइन गेम के पैसों का ट्रांजेक्शन करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले इस मामले में छह आरोपियों को पकड़ा जा चुका है। अब तक कुल आठ लोग जेल भेजे जा चुके हैं। मामला थाना पदमनाभपुर का है।

30 दिसंबर 2025 को हुडको भिलाई निवासी 27 वर्षीय अविनाश दुबे ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने उन्हें झांसे में लेकर अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाए। खाते खुलवाने के बाद एटीएम कार्ड, पासबुक और चेकबुक अपने पास रख लिए। बाद में उन्हीं खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े पैसों के लेन-देन के लिए किया जाने लगा।


शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान सामने आया कि यह एक संगठित गिरोह है, जो लोगों को पैसों का लालच देकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाता था। फिर उन खातों को ऑनलाइन गेमिंग के जरिए आने वाले पैसों के ट्रांजेक्शन में इस्तेमाल करता था। ऐसे खातों को म्यूल अकाउंट कहा जाता है।


इस मामले में पहले ही 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसमें लोकेश कुमार जाधव, टवन कुमार जाधव, विनय सिंह सेंगर, राजू गायकवाड़, अमित मिश्रा और विशाल मसीह शामिल है। इन्हें पहले ही कोर्ट में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया था। इसके बाद पुलिस ने दुर्ग के सिद्धार्थ नगर इलाके में दबिश देकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों के नाम बादल नाहरकर, उम्र 21 वर्ष, निवासी सिद्धार्थ नगर वार्ड 34 दुर्ग और मुरारी महानंद, उम्र 60 वर्ष, निवासी हरिजन पारा वार्ड 34 दुर्ग हैं।


जांच के दौरान मुख्य आरोपी टवन कुमार जाधव से आईडीबीआई बैंक का एक डेबिट कार्ड जब्त किया गया। कार्ड की जांच में पता चला कि वह कार्ड बादल नाहरकर और मुरारी महानंद के नाम से जारी हुआ था। पुलिस को जानकारी मिली कि दोनों ने अपने बैंक खाते गिरोह को पैसों के लालच में इस्तेमाल करने के लिए दिए थे। इसके अलावा पहले की कार्रवाई में कई एटीएम कार्ड, पासबुक और मोबाइल फोन भी जब्त किए जा चुके हैं। इन दोनों आरोपियों को 28 फरवरी को कोर्ट में पेश कर न्यायिक रिमांड पर केंद्रीय जेल दुर्ग भेज दिया गया है।

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