Vedant Samachar

कोरबा में ‘सर्वे भवन्तु सुखिन:’ की भावना के साथ शिवाय हॉस्पिटल का 7 मार्च को भव्य शुभारंभ

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100 बेड क्षमता, अत्याधुनिक उपकरण और विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम से सुसज्जित होगा नया अस्पताल

कोरबा। “सर्वे भवन्तु सुखिन: — सर्वे सन्तु निरामया:” की भावना को आत्मसात करते हुए शहर में शिवाय हॉस्पिटल का भव्य शुभारंभ 7 मार्च (शनिवार) को किया जाएगा। 100 बेड क्षमता वाला यह अत्याधुनिक अस्पताल क्षेत्र के नागरिकों को उच्चस्तरीय, सुरक्षित और समयबद्ध चिकित्सा सेवाएँ प्रदान करने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है। शनिवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अस्पताल प्रबंधन के डॉ. दिविक मित्तल ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अस्पताल परिसर को आधुनिक स्वास्थ्य मानकों के अनुरूप विकसित किया गया है, जहाँ स्वच्छता, सुरक्षा और रोगी सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। अस्पताल में सप्ताह के सातों दिन 24 घंटे चिकित्सा सेवाएँ उपलब्ध रहेंगी तथा किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में त्वरित उपचार के लिए प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ एवं आधुनिक उपकरण निरंतर उपलब्ध रहेंगे।

भर्ती मरीजों के लिए वातानुकूलित वार्ड, प्राइवेट एवं सेमी-प्राइवेट कक्ष की व्यवस्था की गई है। साथ ही मरीजों के परिजनों के ठहरने हेतु सुरक्षित एवं समुचित सुविधाएँ भी उपलब्ध कराई गई हैं। अस्पताल परिसर में ही हाइजीनिक भोजन कक्ष की व्यवस्था की गई है, जिससे रोगियों को संतुलित एवं स्वच्छ आहार मिल सके। अस्पताल में न्यूरो सर्जरी, शिशु रोग, स्त्री एवं प्रसूति रोग, हड्डी रोग, जनरल सर्जरी, फिजियोथेरेपी तथा रेडियोलॉजी जैसे प्रमुख विभाग संचालित रहेंगे। बच्चों के लिए समर्पित आईसीयू, 20 बेड का अत्याधुनिक नवजात शिशु आईसीयू (NICU) तथा 20 बेड का वयस्क आईसीयू की विशेष सुविधा उपलब्ध होगी। चार मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप स्थापित किए गए हैं।

डायलिसिस यूनिट की सुविधा से किडनी रोग से पीड़ित मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर उपचार मिल सकेगा। डायग्नोस्टिक सेवाओं के अंतर्गत सीटी स्कैन, सोनोग्राफी, डिजिटल एक्स-रे, सी-आर्म मशीन (विशेषकर हड्डी रोग सर्जरी हेतु), एनसीयू एवं ईएमसी जैसी उन्नत सुविधाएँ उपलब्ध रहेंगी, जिससे रोग की त्वरित एवं सटीक पहचान कर शीघ्र उपचार संभव हो सकेगा।

फिजियोथेरेपी विभाग में एडवांस लेज़र तकनीक के माध्यम से उपचार किया जाएगा। सायटिका एवं स्पाइनल डीकम्प्रेशन ऑपरेशन मशीन द्वारा रीढ़ संबंधी जटिल समस्याओं का समाधान किया जाएगा। लकवा (पैरालिसिस) के मरीजों के लिए आधुनिक उपकरणों के माध्यम से वैज्ञानिक एवं समग्र उपचार पद्धति अपनाई जाएगी। विशेष रूप से छत्तीसगढ़ का पहला स्पाइनल मोबाइलाइज ट्रैक्शन यूनिट यहाँ स्थापित किया गया है।प्रेस कॉन्फ्रेंस में फेसियल सर्जन डॉ. आस्था वैष्णव एवं फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. अमन श्रीवास्तव भी उपस्थित रहे। अस्पताल प्रबंधन ने विश्वास जताया कि यह संस्थान कोरबा एवं आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नया मानदंड स्थापित करेगा।

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