रायपुर, 27 फरवरी 2026। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर वेदांता एल्युमीनियम ने भारत के वैज्ञानिक और तकनीकी विकास को आगे बढ़ाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। कंपनी ने बताया कि वह शोध-आधारित उत्पादन, डिजिटल नवाचार और उन्नत इंजीनियरिंग तकनीकों के माध्यम से औद्योगिक विकास को गति दे रही है। कंपनी की वैज्ञानिक और तकनीकी टीम में मेटलर्जी, रसायन विज्ञान, प्रक्रिया इंजीनियरिंग, डेटा साइंस और डिजिटल विशेषज्ञ शामिल हैं, जिनमें 800 से अधिक महिलाएं प्रमुख भूमिकाओं में कार्यरत हैं। यह संख्या कंपनी के वैज्ञानिक और इंजीनियरिंग कार्यबल का लगभग 20 प्रतिशत है।
कंपनी के अनुसार उसके विशेषज्ञ संसाधन-सक्षम शोधन, सामग्री विज्ञान, ऊर्जा अनुकूलन, टिकाऊ खनन तकनीक, औद्योगिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति कर रहे हैं। वेदांता एल्युमीनियम ने एक विशेष शोधन प्रक्रिया विकसित की है, जिससे बॉक्साइट अपशिष्ट (रेड मड) में लगभग 30 प्रतिशत तक कमी लाई जा सकती है और एलुमिना की वसूली बढ़ाकर टिकाऊ उत्पादन को मजबूत किया जा सकता है।
कंपनी भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के केंद्रीय कंद फसल अनुसंधान संस्थान (आईसीएआर-सीटीसीआरआई) के साथ मिलकर एक शोध कार्यक्रम भी संचालित कर रही है, जिसके तहत रेड मड को पौष्टिक भूमि में बदलकर भूमि बहाली और पारिस्थितिकी पुनरुद्धार में उपयोग करने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसके अलावा एआई-आधारित प्रक्रिया अनुकूलन, पूर्वानुमानित रखरखाव, दूरस्थ संचालन और मशीन लर्निंग आधारित निगरानी जैसी डिजिटल पहलें कंपनी के वैज्ञानिक कार्यों का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2026 की थीम “विज्ञान में महिलाएँ: कटैलाइजिंग विकसित भारत” के अनुरूप कंपनी ने वैज्ञानिक और तकनीकी क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया है। वर्तमान में महिलाएं स्मेल्टर संचालन, पावर प्लांट प्रबंधन, लोकोमोटिव संचालन, अग्निशमन सेवाएं, सुरक्षा, इंस्ट्रुमेंटेशन, प्रोसेस इंजीनियरिंग और इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में जिम्मेदारी निभा रही हैं। कंपनी ने वर्ष 2030 तक 20 प्रतिशत जेंडर विविधता हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
वेदांता एल्युमीनियम के सीईओ राजीव कुमार ने कहा कि भारत के विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में विज्ञान और प्रौद्योगिकी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने बताया कि कंपनी नवाचार, अनुसंधान और आधुनिक इंजीनियरिंग के माध्यम से सतत विकास को बढ़ावा दे रही है और तकनीकी क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी कंपनी को मजबूत आधार प्रदान कर रही है।
कंपनी ने कहा कि वह अनुसंधान, तकनीकी विकास और समावेशी अवसरों को बढ़ावा देकर भारत की औद्योगिक प्रगति, पर्यावरण संरक्षण और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
