Vedant Samachar

विरासत में मिला सोना या शेयर तो क्या देना पड़ेगा टैक्स? जानें क्या है नियम

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अक्सर लोगों के मन में सवाल होता है कि अगर उन्हें परिवार से गहने, जमीन, शेयर, आर्टवर्क या क्रिप्टोकरेंसी विरासत में मिलती है, तो क्या उस पर तुरंत टैक्स देना पड़ता है? भारत में नियम साफ है कि विरासत में संपत्ति मिलने के समय इनकम टैक्स नहीं लगता. लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती. आगे चलकर जब आप उस संपत्ति को बेचते हैं या उसकी जानकारी रिटर्न में दिखानी होती है, तब टैक्स के नियम लागू होते हैं. कई परिवार इन जरूरी बातों पर ध्यान नहीं देते.

टैक्स कब देना पड़ता है?
टैक्स एक्सपर्ट बताते हैं कि संपत्ति मिलने पर टैक्स नहीं लगता, लेकिन बेचने पर कैपिटल गेन टैक्स देना होता है. यहां एक अहम बात है कि जिसे संपत्ति मिलती है, उसके लिए खरीद कीमत और होल्डिंग पीरियड (कितने समय से रखी गई थी) पुराने मालिक के आधार पर गिने जाते हैं. इसी से तय होता है कि लाभ लॉन्ग टर्म है या शॉर्ट टर्म है.

कितना लगता है टैक्स?
लॉन्ग टर्म गेन पर आमतौर पर 12.5% टैक्स लगता है. शॉर्ट टर्म गेन पर आपकी आयकर स्लैब के अनुसार टैक्स देना होता है. अगर लॉन्ग टर्म गेन से मिली रकम को 10 करोड़ रुपये तक घर खरीदने में या 50 लाख रुपये तक सरकारी बॉन्ड में निवेश किया जाए, तो छूट मिल सकती है. लेकिन क्रिप्टो जैसी वर्चुअल डिजिटल एसेट (VDA) पर सीधा 30% टैक्स लगता है और इसमें किसी तरह की छूट नहीं मिलती.

आयकर रिटर्न में खुलासा जरूरी
अगर आपकी कुल संपत्ति 50 लाख रुपये से ज्यादा है, तो आयकर रिटर्न में उसकी जानकारी देना जरूरी है. अगर संपत्ति विदेश में है, तो उसकी अलग से जानकारी देनी होती है. जानकारी न देने पर जुर्माना लग सकता है. हर संपत्ति के नियम अलग है. सोना, गहने और आर्टवर्क के लिए सही वैल्यूएशन और दस्तावेज जरूरी हैं. कुछ आर्टवर्क को देश से बाहर ले जाना नियमों के खिलाफ हो सकता है. शेयर और म्यूचुअल फंड में अगर नॉमिनी दर्ज है, तो ट्रांसफर आसान होता है. नॉमिनी न होने पर कानूनी प्रक्रिया लंबी हो सकती है. क्रिप्टोकरेंसी विरासत में मिल सकती है, लेकिन अगर प्राइवेट की या पासवर्ड न हो तो रकम हमेशा के लिए फंस सकती है.

विदेश में संपत्ति हो तो क्या करें?
अगर संपत्ति विदेश में है, तो उस देश के टैक्स नियम भी लागू हो सकते हैं. अमेरिका या ब्रिटेन जैसे देशों में इनहेरिटेंस टैक्स लगता है. भारत से विदेश में संपत्ति भेजने पर FEMA नियमों के तहत सालाना 10 लाख डॉलर की सीमा है. विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सभी संपत्तियों की पूरी सूची बनाएं. अलग-अलग देशों के लिए अलग वसीयत तैयार करें. डिजिटल संपत्तियों की जानकारी सुरक्षित जगह पर रखें. साफ शब्दों में कहें तो विरासत में संपत्ति मिलने पर तुरंत टैक्स नहीं लगता, लेकिन आगे की प्लानिंग और नियमों की जानकारी बहुत जरूरी है.

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