सुकमा,26फरवरी (वेदांत समाचार)। ओडिशा के कंधमाल जिला में आत्मसमर्पण की तैयारी कर रहे 22 लाख रुपये के इनामी माओवादी कमांडर अन्वेष उर्फ रेनू की उसके ही साथियों ने हत्या कर दी। बुधवार को दारिंगबाड़ी थाना क्षेत्र के पकरी जंगल से पुलिस ने उसका सड़ा-गला शव बरामद किया। पुलिस के अनुसार, अन्वेष छत्तीसगढ़ के सुकमा जिला का निवासी था। वह केकेबीएन (कालाहांडी-कंधमाल-बौध-नयागढ़) डिवीजन में डिविजनल कमेटी मेंबर (डीवीसीएम) और लड़ाकू दस्ते का प्लाटून कमांडर था।
आत्मसमर्पण की तैयारी बनी मौत की वजह
कंधमाल के एसपी हरीश बीसी ने बताया कि अन्वेष कुछ अन्य माओवादी कैडरों के साथ ओडिशा पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण की तैयारी कर रहा था। संगठन के भीतर उसके इस फैसले का विरोध हो रहा था। सूचना के अनुसार, 29 जनवरी को ही उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई और शव जंगल में दफना दिया गया। बाद में पुलिस को जानकारी मिलने पर शव को जमीन से निकाला गया।
शीर्ष नेतृत्व पर संदेह
पुलिस को आशंका है कि ओडिशा के वांटेड माओवादी कमांडर सुकरू और उसके दस्ते ने इस वारदात को अंजाम दिया। शक है कि राज्य जोनल कमेटी सदस्य (एसजेडसीएम) सुकरू ने क्षेत्रीय कमेटी मेंबर शीला और एरिया कमेटी सदस्य जगेश के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। बताया गया कि जगेश 22 फरवरी को कंधमाल जिले के नंदाबली आरक्षित वन क्षेत्र में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया।
पोस्टमॉर्टम और कानूनी प्रक्रिया
कार्यपालक दंडाधिकारी की मौजूदगी में कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव को पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच के लिए एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेजा गया है। दारिंगबाड़ी थाने में हत्या का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अन्वेष के परिवार से संपर्क में है ताकि आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर शव सौंपा जा सके।
हेल्पलाइन जारी, युवाओं से अपील
एसपी ने बताया कि माओवादी संगठन में शामिल भटके युवाओं के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। उन्होंने राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास योजना का लाभ उठाने की अपील की। वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, यह घटना 31 मार्च 2026 से पहले आत्मसमर्पण को लेकर माओवादी संगठनों के भीतर चल रहे अंतर्विरोध को उजागर करती है।
