Vedant Samachar

‘बूंग’ की निर्देशक लक्ष्मीप्रिया देवी ने BAFTA जीत पर जताया आभार, जानें क्या कहा

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मुंबई। रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर की एक्सेल एंटरटेनमेंट, चॉकबोर्ड एंटरटेनमेंट और सूटेबल पिक्चर्स के साथ मिलकर बनाई गई फिल्म ‘बूंग’ ने इतिहास रच दिया है। लक्ष्मीप्रिया देवी के डायरेक्शन में बनी इस कमिंग-ऑफ-एज ड्रामा ने 79वें ब्रिटिश एकेडमी फिल्म अवॉर्ड्स (BAFTA) में ‘बेस्ट चिल्ड्रन्स एंड फैमिली फिल्म’ का अवॉर्ड जीतकर पहली ऐसी भारतीय फिल्म बनने का गौरव हासिल किया है।

​इस ऐतिहासिक जीत पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए लक्ष्मीप्रिया देवी ने सबका दिल से शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा यकीन है कि जिन लोगों ने भी यह फिल्म देखी, उन सबकी दुआओं और चाहत की वजह से ही यह मुमकिन हो पाया है। उन्होंने शेयर किया, “मैं सभी को शुक्रिया कहना चाहती हूँ क्योंकि मुझे सच में लगता है कि फिल्म देखने वाले हर इंसान ने इस जीत के लिए दुआ की थी। दो दिन बीत चुके हैं, लेकिन मैं अब भी लोगों को ‘थैंक यू’ के मैसेज भेज रही हूँ।”

यह कहानी एक छोटे लड़के के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी माँ को दुनिया का सबसे बड़ा तोहफा देना चाहता है और वो है अपने बिछड़े हुए पिता को घर वापस लाना। उसे पूरा यकीन है कि उसके माता-पिता के एक होने से उसकी माँ की खोई हुई खुशियाँ लौट आएंगी। इसी उम्मीद के साथ, वह अपने पिता की तलाश में निकल पड़ता है। इस सफर के दौरान, उसकी यह छोटी सी चाहत धीरे-धीरे प्यार, परिवार और जुदाई के दर्द की गहरी समझ में बदल जाती है, जो एक ऐसे अंत की ओर ले जाती है जो दिल को छू लेने वाला और बिल्कुल हैरान कर देने वाला है।

लक्ष्मीप्रिया देवी के डायरेक्शन में बनी ‘बूंग’ बच्चों पर आधारित एक बेहद प्यारी और इमोशनल फिल्म है, जिसने दुनिया भर के कई बड़े इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल्स का सफर तय किया है। यह फिल्म खूबसूरती से दिखाती है कि कैसे भारत के किसी छोटे से इलाके की कहानी भी पूरी दुनिया के दर्शकों के दिल को छू सकती है। इसकी सादगी, कहानी कहने के सहज अंदाज़ और इसमें दिखाए गए सच्चे जज़्बातों की हर तरफ जमकर तारीफ हुई है।

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