पलामू,23फरवरी । झारखंड के पलामू जिले से मॉब लिंचिंग की एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां 22 वर्षीय युवक की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। घटना पड़वा थाना क्षेत्र के तेलियाही गांव की है, जहां शनिवार देर रात ग्रामीणों ने युवक को चोरी के शक में पकड़ लिया और उसे बांधकर बेरहमी से पीटा। गंभीर हालत में पुलिस ने उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान मुरमा गांव निवासी पवन राम के रूप में हुई है।
पुलिस अधीक्षक रीशमा रामेसन के अनुसार, रात करीब 12:30 बजे सूचना मिली कि एक युवक को ग्रामीणों ने ट्रैक्टर की बैटरी चोरी के आरोप में पकड़ रखा है। सूचना मिलते ही पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंची तो युवक को बंधा हुआ और बुरी तरह घायल अवस्था में पाया गया। पुलिस ने भीड़ से छुड़ाकर उसे तुरंत अस्पताल भिजवाया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह भी आशंका जताई जा रही है कि युवक अपनी प्रेमिका से मिलने गांव गया था।
इसी दौरान ग्रामीणों ने उसे संदिग्ध मानकर पकड़ लिया और उस पर ट्रैक्टर की बैटरी चोरी करने का आरोप लगा दिया। हालांकि, पुलिस को उसके पास से कोई चोरी की बैटरी या संदिग्ध सामान बरामद नहीं हुआ है, जिससे हत्या के पीछे की असली वजह को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। सब-डिविजनल पुलिस ऑफिसर राजेश कुमार ने बताया कि इस मामले में पारस नाथ मेहता (35) को हिरासत में लिया गया है। अन्य आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(2) सहित अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है।
एहतियातन पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मॉब लिंचिंग जैसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। मृतक के शव का पोस्टमार्टम मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में मेडिकल बोर्ड द्वारा कराया जा रहा है। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराई जा रही है, ताकि जांच में पारदर्शिता बनी रहे और साक्ष्य सुरक्षित रहें। पुलिस का कहना है कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है और जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी की जाएगी। यह घटना एक बार फिर कानून हाथ में लेने की मानसिकता और भीड़तंत्र की खतरनाक प्रवृत्ति पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
