नई दिल्ली,22 फरवरी।क्यूबा की संचार मंत्री के अनुसार, दिल्ली में आयोजित एआई समिट ने भारत को ग्लोबल साउथ के लिए मानव-केंद्रित और न्यायसंगत कृत्रिम बुद्धिमत्ता को बढ़ावा देने वाली एक अग्रणी आवाज के रूप में स्थापित किया है। उन्होंने इस सम्मेलन को वैश्विक प्रौद्योगिकी शासन में एक निर्णायक क्षण बताते हुए नवाचार के साथ विनियमन की आवश्यकता पर जोर दिया।
क्यूबा की संचार मंत्री मायरा अरेविच मारिन ने शनिवार को कहा कि दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट 2026 ने भारत को मानव-केंद्रित और न्यायसंगत कृत्रिम बुद्धिमत्ता ढांचे को आगे बढ़ाने में ग्लोबल साउथ की एक अग्रणी आवाज के रूप में स्थापित किया है। नयी दिल्ली में 19 और 20 फरवरी को आयोजित एआई समिट में भाग लेने के बाद यहां भारत-क्यूबा आईटी फोरम के उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मारिन ने इस सम्मेलन को वैश्विक प्रौद्योगिकी शासन में एक निर्णायक क्षण बताया।
मारिन ने कहा, एआई इम्पैक्ट समिट 2026 ने भारत को ग्लोबल साउथ के लिए मानव-केंद्रित कृत्रिम बुद्धिमत्ता आंदोलन में सबसे आगे रखा है। उन्होंने नवाचार और विनियमन को साथ-साथ आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, लेकिन हमें इसके उपयोग से जुड़े जोखिमों को कम करना होगा। इसे जिम्मेदारीपूर्वक और समान रूप से लागू किया जाना चाहिए।
