Vedant Samachar

जंगल में मिला हाथी शावक का शव शरीर में चोट के कोई निशान नहीं, पीएम के रिपोर्ट के बाद होगा खुलासा

Vedant Samachar
3 Min Read

रायगढ़ ,22फरवरी (वेदांत समाचार)। रायगढ़ जिला में एक बार फिर से हाथी शावक का शव जंगल में मिला है। उसके आसपास बड़े हाथियों के पैरों के निशान भी देखे गए। जिसके बाद शव का पंचनामा कर विभाग के द्वारा आगे की कार्रवाई की जा रही है। मामला तमनार वन परिक्षेत्र का है। मिली जानकारी के मुताबिक तमनार रेंज के झिंगोल बीट के कक्ष क्रमांक 838 RF में एक हाथी के शावक का शव देखा गया। जिसके बाद ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन अमला को दी। ऐेसे में तमनार एसडीओ आशुतोष मंडवा, रेंजर विक्रांत कुमार समेत वनकर्मी मौके पर पहुंचे।

जहां प्रारंभिक जांच करने पर घटनास्थल के आसपास हाथियों के पैरों के निशान पाए गए। इससे ऐसा लग रहा था कि शावक के साथ हाथियों का झुंड मौजूद था। जमीन के निशानों से यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि शावक के मरने के बाद उसे काफी देर तक बड़े हाथियों ने खींचने या उठाने का प्रयास किया गया होगा। इसके अलावा आसपास जांच करने पर किसी तरह से करंट तार व किसी प्रकार का संदिग्ध गतिविधि नहीं पाए जाने की बात कही जा रही है। इसके बाद शावक के शव का पंचनामा कर रविवार को इसका पोस्टमार्टम कराया गया। जहां बताया जा रहा है कि डॉक्टरों की टीम ने प्रारंभिक शारीरिक परीक्षण करने पर कमजोरी होना पाया गया, लेकिन पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।

तमनार रेंज में 5 माह में 3 हाथी की मौत
रायगढ़ वन मंडल के तमनार रेंज की बात की जाए, तो यहां भी साल भर हाथियों की मौजूदगी रहती है। ऐसे में लगभग 5 माह में 3 हाथियों की मौत यहां हो चुकी है। जिसमें अक्टूबर माह में केराखोल के जंगल में एक हाथी की मौत करंट प्रवाहित तार की चपेट में आने से हो गई थी। इसके अलावा एक शावक की मौत चट्टानों में फंसने और अब एक शावक का शव जंगल में मिला है।

हाथियों के झुंड पर नजर रखी जा रही
तमनार रेंजर विक्रांत कुमार ने बताया कि शावक के शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं मिले और न ही आसपास को संदिग्ध गतिविधि मिली है। ऐसा लगा रहा है कि कमजोरी के कारण उसकी जान गई हो, लेकिन पीएम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। तमनार रेंज के सामारूमा क्षेत्र में 26 हाथियों का दल है और हाथियों के झुंड पर लगातार नजर रखी जा रही है।

Share This Article