भोपाल,20 फरवरी: साइक्लोनिक सर्कुलेशन और वेस्टर्न डिस्टरबेंस के असर से मध्य प्रदेश के करीब आधे हिस्से में पिछले 24 घंटों के दौरान तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई। कई जिलों में मौसम ने अचानक करवट ली, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
23-24 फरवरी को फिर बरसेगा आसमान
उज्जैन और मंदसौर समेत कई जिलों में ओले गिरे। उज्जैन जिले के घट्टिया, महिदपुर और उन्हेल सहित ग्रामीण इलाकों में फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। खेतों में खड़ी गेहूं और चने की फसल आड़ी हो गई जिससे दाने को नुकसान होने की आशंका है। पिछले दो दिनों से प्रदेश में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी रहा। बीते 24 घंटों में 25 जिलों के करीब 80 शहरों और कस्बों में बारिश दर्ज की गई। इनमें धार, श्योपुर, शिवपुरी, इंदौर, आगर-मालवा, उज्जैन, राजगढ़, खरगोन, मुरैना, सीहोर, दतिया, ग्वालियर, भोपाल, गुना, रतलाम, बड़वानी, मंदसौर, शाजापुर, देवास, विदिशा, अशोकनगर, टीकमगढ़, निवाड़ी और छतरपुर शामिल हैं।
तेज हवाओं और बारिश की चेतावनी
श्योपुर जिले में सबसे अधिक वर्षा दर्ज की गई। नालछा क्षेत्र में करीब 1 इंच पानी गिरा, जबकि श्योपुर में आंधी की रफ्तार 63 किलोमीटर प्रतिघंटा तक पहुंच गई। भोपाल और सीहोर समेत कई जिलों में तेज हवाएं चलीं। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल 21 और 22 फरवरी को प्रदेश में मौसम साफ रहने की संभावना है। इन दो दिनों के लिए किसी भी प्रकार का बारिश अलर्ट जारी नहीं किया गया है और दिन में धूप खिली रह सकती है। हालांकि 23 और 24 फरवरी को एक बार फिर प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
