रायपुर, 18 फरवरी 2026। राज्य में प्राध्यापक (उच्च शिक्षा) परीक्षा–2021 के अंतर्गत 595 रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया को गति देते हुए उच्च शिक्षा विभाग ने विषय-विशेषज्ञों की उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। यह समिति अभ्यर्थियों द्वारा प्रस्तुत शैक्षणिक दस्तावेजों और प्रमाण-पत्रों की गहन जांच कर अंतिम पात्रता का निर्धारण करेगी। इस पहल को भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने 11 दिसंबर 2025 को उच्च शिक्षा विभाग को पत्र भेजकर 35 अभ्यर्थियों की शैक्षणिक अर्हताओं की विस्तृत जांच के लिए विषय-विशेषज्ञ समिति गठित करने का अनुरोध किया था। आयोग ने 4 दिसंबर 2025 को आयोजित बैठक में निर्णय लिया था कि उत्कृष्ट प्राध्यापक पद के लिए आवेदन करने वाले इन अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का विशेषज्ञ स्तर पर परीक्षण आवश्यक है।
मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर से जारी आदेश के अनुसार चयन प्रक्रिया को यूजीसी विनियम 2018 के तहत निर्धारित अर्हताओं के अनुरूप आगे बढ़ाया जा रहा है। विज्ञापन की संबंधित कंडिकाओं के संदर्भ में विभिन्न विषयों के अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जाएगी।
गठित समिति में देश के विभिन्न प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के वरिष्ठ प्राध्यापकों को शामिल किया गया है। समिति के संयोजक के रूप में Dr. Shyama Prasad Mukherjee International Institute of Information Technology के निदेशक प्रोफेसर ओम प्रकाश व्यास को नियुक्त किया गया है। इसके अलावा सदस्यों में Rani Durgavati Vishwavidyalaya, Barkatullah University, Bundelkhand University, Awadhesh Pratap Singh University तथा RTM Nagpur University के विभागाध्यक्ष स्तर के प्रोफेसर शामिल किए गए हैं।
उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि समिति की जांच रिपोर्ट के आधार पर योग्य अभ्यर्थियों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इससे राज्य के महाविद्यालयों में रिक्त प्राध्यापक पदों को शीघ्र भरा जा सकेगा और शैक्षणिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
