कोरबा, 18 फरवरी 2026। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत लंबित ऋण प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के लिए बैंकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन और आयुक्त आशुतोष पाण्डेय के निर्देशन में नगर पालिक निगम कोरबा के मुख्य प्रशासनिक भवन साकेत स्थित सभाकक्ष में बैंकों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में अपर आयुक्त विनय मिश्रा ने योजना के अंतर्गत लंबित ऋण प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा करते हुए बैंकों की धीमी प्रगति पर नाराज़गी जताई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी लंबित मामलों का त्वरित निराकरण किया जाए, ताकि शासन की मंशा के अनुरूप हितग्राहियों को शीघ्र लाभ मिल सके।
बैठक में बताया गया कि भारत सरकार की प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत शहरी पथ विक्रेताओं को बिना गारंटी के कार्यशील पूंजी ऋण उपलब्ध कराया जाता है। प्रथम चरण में 15 हजार रुपये का ऋण दिया जाता है, जबकि आगे के चरणों में 25 हजार और 50 हजार रुपये तक का ऋण 7 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी के साथ प्रदान किया जाता है। योजना का उद्देश्य पथ विक्रेताओं को आर्थिक सहायता, डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा और आत्मनिर्भरता की दिशा में सहयोग देना है।
समीक्षा के दौरान जिला शहरी विकास अभिकरण के जिला मिशन प्रबंधक मनीष भोई ने जानकारी दी कि शासन के लक्ष्य के अनुरूप विभिन्न बैंकों में 12,980 हितग्राहियों के ऋण आवेदन ऑनलाइन जमा कराए गए हैं। इनमें से 10,153 आवेदनों को स्वीकृति दी जा चुकी है, जबकि 9,615 हितग्राहियों को अब तक ऋण वितरण कर लाभान्वित किया गया है।
अपर आयुक्त ने शेष लंबित प्रकरणों पर चिंता जताते हुए बैंकों से कहा कि वे योजना को गंभीरता से लें और लंबित सभी मामलों में आवश्यक कार्रवाई करते हुए शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करें। बैठक में उपायुक्त नीरज कौशिक, विभिन्न बैंकों के प्रबंधक और संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
