जांजगीर-चांपा, 17 फरवरी । जिले के ग्राम भादा स्थित एक बंद राइस मिल परिसर में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध लकड़ी का बड़ा जखीरा जब्त किया है। संयुक्त टीम की छापेमार कार्रवाई में तेंदू और खैर की इमारती लकड़ी लगभग 15 से 20 ट्रक के बराबर बरामद की गई है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार जब्त लकड़ी की कीमत 50 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है।
कार्रवाई रायगढ़ और जांजगीर-चांपा वन मंडल की संयुक्त टीम द्वारा गुप्त सूचना के आधार पर की गई। उड़नदस्ता दल को संदिग्ध वाहनों की आवाजाही की सूचना मिली थी, जिसके बाद टीम ने पीछा करते हुए भादा गांव स्थित बंद राइस मिल परिसर में दबिश दी। छापेमारी के दौरान परिसर के भीतर अवैध आरा मिल संचालित होती पाई गई।
मौके से लकड़ी चीरने की मशीनें, कटर और तौल उपकरण भी बरामद किए गए हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि यहां व्यवस्थित तरीके से अवैध प्रसंस्करण किया जा रहा था। टीम ने मौके से तीन ट्रक भी जब्त किए हैं। जब्त वाहनों में एक ट्रक मध्यप्रदेश नंबर (एमपी-20, जबलपुर आरटीओ) का भी शामिल है, जिससे अंतरराज्यीय नेटवर्क की आशंका और गहरा गई है।
वन मंडलाधिकारी हिमांशु डोंगरे ने बताया कि खैर की लकड़ी अत्यंत कीमती श्रेणी में आती है और बिना वैध अनुमति इसके कटान और व्यापार पर प्रतिबंध है। तेंदू की लकड़ी का उपयोग हथियारों के बट बनाने सहित अन्य विशेष कार्यों में किया जाता है, जबकि खैर से कत्था और फर्नीचर तैयार किया जाता है, इसलिए इसकी अवैध तस्करी की संभावना अधिक रहती है।
वन विभाग ने पूरे मिल परिसर को सील कर दिया है और जब्त लकड़ियों की गिनती तथा माप-तौल की प्रक्रिया जारी है। अधिकारियों के अनुसार जब्ती के बाद पीओआर दर्ज कर संबंधित लोगों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। मामले में अंतरराज्यीय गिरोह की संलिप्तता की आशंका को ध्यान में रखते हुए जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है।
