अंबिकापुर,17 फरवरी(वेदांत समाचार)। शंकरगढ़ थाना में पदस्थ एक आरक्षक द्वारा जहर सेवन कर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। आरक्षक ने कथित तौर पर अपने पैतृक गांव के पास जंगल में जहर खाया और इसकी सूचना खुद फोन पर अपनी पत्नी को दी। परिजन उसे गंभीर हालत में अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और आत्महत्या के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार ग्राम घोरगड़ी, राजपुर निवासी देवस राम एक्का शंकरगढ़ थाना में आरक्षक के पद पर पदस्थ थे। उनकी पत्नी भी शंकरगढ़ में ही एक हाईस्कूल में लिपिक के पद पर कार्यरत हैं। बताया जा रहा है कि देवस राम एक्का तीन दिन पहले छुट्टी लेकर अपने गृहग्राम आए थे। इस दौरान किसी कार्य से वे रायपुर भी गए थे।
बताया गया कि रायपुर से लौटने के बाद वे गांव के समीप कोटगहना जंगल पहुंचे, जहां से उन्होंने अपनी पत्नी को फोन कर बताया कि उन्होंने जहर का सेवन कर लिया है और वे जंगल में पड़े हैं। सूचना मिलते ही पत्नी ने परिजनों को जानकारी दी। परिजन तत्काल मौके पर पहुंचे और गंभीर अवस्था में आरक्षक को उठाकर राजपुर चिकित्सालय ले गए।
राजपुर अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद हालत नाजुक देखते हुए उन्हें मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर रेफर किया गया। यहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद आरक्षक को मृत घोषित कर दिया। पुलिस के अनुसार आत्महत्या के पीछे का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है। मर्ग कायम कर मामले की विवेचना की जा रही है।
