कोरबा, 17 फरवरी 2026। पाली महोत्सव 2026 का समापन समारोह रविवार को रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ भव्य रूप से संपन्न हुआ। समापन अवसर पर छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति, भक्ति संगीत, बॉलीवुड धुनों और शास्त्रीय वादन का अद्भुत संगम देखने को मिला। देर रात तक चले कार्यक्रम में हजारों दर्शकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और कलाकारों की प्रस्तुतियों का भरपूर आनंद उठाया।
समारोह की मुख्य आकर्षण रहीं बॉलीवुड की लोकप्रिय गायिका कनिका कपूर, जिन्होंने अपने सुपरहिट गीतों से समां बांध दिया। “काला चश्मा”, “चिट्टियां कलाइयां”, “नखरा तीखी तलवार वरगा” जैसे लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुति पर दर्शक झूम उठे। उनकी दमदार स्टेज प्रेजेंस और ऊर्जावान प्रस्तुति ने समापन समारोह को यादगार बना दिया।
छत्तीसगढ़ी संगीत की पहचान बने सुप्रसिद्ध गायक अनुज शर्मा ने भक्ति गीतों से कार्यक्रम की भावपूर्ण शुरुआत की। “राम सिया राम” और “आरुग दिया ला जलाए” जैसे गीतों से वातावरण भक्तिमय हो उठा। इसके बाद उन्होंने अपनी चर्चित फिल्मों छुइंया भुइयां और झन भूलो मां बाप ला के गीत प्रस्तुत कर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। उनकी प्रस्तुति में छत्तीसगढ़ी लोकसंस्कृति और आधुनिकता का सुंदर समन्वय देखने को मिला।

छालीवुड के सुपरस्टार दीपक साहू ने अपने ऊर्जावान नृत्य से मंच पर अलग ही रंग जमा दिया। लोकप्रिय छत्तीसगढ़ी गीतों पर उनकी प्रस्तुति ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। उनके हाव-भाव और जीवंत मंच संचालन ने माहौल को उत्सवमय बनाए रखा।
शास्त्रीय संगीत की गरिमा भी समापन समारोह में विशेष रूप से झलकी। प्रो. डॉ. लवली शर्मा, कुलपति, इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय, ने राग सरस्वती की मधुर प्रस्तुति देकर वातावरण को सुरमय बना दिया। वहीं विख्यात संतूर वादक डॉ. विपुल राय ने अपनी संतूर वादन से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
स्थानीय कलाकारों ने भी अपनी प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। सोनू भाठिया एंड ग्रुप ने जसगीत प्रस्तुत किए, चिराग शुक्ला एंड बैंड ने संगीत से श्रोताओं को भावविभोर किया। थिरमन दास ने छत्तीसगढ़ महतारी वंदना से कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई, जबकि धारा सोनवानी ने लोकभोज और संस्कृति पर आधारित गीतों से समां बांधा। सूफी गायक राहुल ठाकुर बैंड (रायपुर), ज्योति बोहिदार वैष्णव का कत्थक नृत्य तथा स्कूली बच्चों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में विविधता और उत्साह का संचार किया।
समापन अवसर पर सभी कलाकारों ने भव्य आयोजन के लिए जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। पाली महोत्सव 2026 ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत जीवंत, समृद्ध और जनमानस के हृदय से गहराई से जुड़ी हुई है। दर्शकों के उत्साह और सहभागिता ने महोत्सव को अविस्मरणीय बना दिया।
