Vedant Samachar

आस्था, संस्कृति और विकास का संगम बना अमृतधारा महोत्सव 2026, भव्य आयोजन में उमड़ा जनसैलाबप्राकृतिक सौंदर्य, हसदेव नदी और पर्यटन विकास से बदलेगा…

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एमसीबी,16 फरवरी(वेदांत समाचार)। जिले के पावन पर्यटन स्थल अमृतधारा जलप्रपात में आयोजित अमृतधारा महोत्सव 2026 आस्था, संस्कृति और विकास का जीवंत प्रतीक बनकर सामने आया। महोत्सव का आयोजन अत्यंत भव्यता और उत्साह के साथ किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु, नागरिक और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल तथा विशिष्ट अतिथि भरतपुर-सोनहत विधायक रेणुका सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही। उनके साथ जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंती सिंह, महापौर रामनरेश राय, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष प्रतिमा यादव, नई लेदरी नगर पंचायत अध्यक्ष वीरेन्द्र, जनपद अध्यक्ष जानकी बाई खुसरो, नगर पंचायत अध्यक्ष झगराखांड श्रीमती रीमा यादव, नगर पंचायत अध्यक्ष जनकपुर कौशल पटेल, सरपंच लाई श्रीमती सोनकुंवर सहित अनेक जनप्रतिनिधि के साथ कलेक्टर डी. राहुल वेंकट,पुलिस अधीक्षक श्रीमती रत्ना सिंह, अपर कलेक्टर श्रीमती नम्रता डोंगरे, एसडीएम लिंगराज सिदार, वन मंडल अधिकारी, जनपद सीईओ सुश्री वैशाली सिंह सहित समस्त जिला अधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा विभिन्न विभागों के लगाए गए स्टॉलों के निरीक्षण से हुई, जहां स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, आदिवासी विकास, जल संसाधन, महिला एवं बाल विकास, मछली पालन, पशुधन विकास, उद्यान, कृषि, नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा योजनाओं की जानकारी देते हुए हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। इसके पश्चात छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर विधिवत कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।

कलेक्टर डी. राहुल वेंकट ने अपने संबोधन में कहा कि अमृतधारा महोत्सव आस्था, संस्कृति और विकास का सशक्त प्रतीक है। जिला प्रशासन इस ऐतिहासिक स्थल के संरक्षण, सौंदर्यीकरण और समुचित विकास के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा, स्वच्छता, पेयजल, स्वास्थ्य एवं यातायात की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। उन्होंने बताया कि अमृतधारा को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना पर तीव्र गति से कार्य हो रहा है और जनभागीदारी से ही जिले का समग्र विकास संभव है।


इसके साथ ही जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंती सिंह ने “भारत माता की जय” के गगनभेदी नारों के साथ अपने उद्बोधन की शुरुआत करते हुए क्षेत्रवासियों को अमृतधारा महोत्सव की हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत, विकास की प्रतिबद्धता और जनसहभागिता की भावना का प्रतीक है। सरकार गांव, गरीब, किसान, महिला और युवाओं के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है और विकास की धारा अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए संकल्पित है।

जिला अध्यक्ष चंपा देवी पावले ने भी “भारत माता की जय” के नारों के साथ महाशिवरात्रि एवं अमृतधारा महोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह आयोजन हमारी संस्कृति, आस्था, एकता और विकास के संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 से यह महोत्सव निरंतर आयोजित किया जा रहा है और अमृतधारा ग्राम पंचायत लाई के अंतर्गत स्थित यह पावन स्थल दूर-दराज से श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। सरकार द्वारा गांव-गांव तक सड़क, पानी, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने के लिए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। वहीं महापौर रामनरेश राय ने अपने संक्षिप्त संबोधन में कहा कि महाशिवरात्रि एवं अमृतधारा महोत्सव हमारी आस्था, संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है। ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने के साथ-साथ क्षेत्र के पर्यटन और विकास को नई दिशा देते हैं और सामाजिक एकता का संदेश देते हैं।

विधायक रेणुका सिंह ने शिव मंत्रोच्चार के साथ अपने उद्बोधन की शुरुआत करते हुए महाशिवरात्रि एवं अमृतधारा महोत्सव की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि शिव की पूजा अत्यंत सरल है और अमृतधारा केवल एक जलप्रपात नहीं, बल्कि हमारी आत्मा और आस्था है। उन्होंने क्षेत्र में आयोजित धार्मिक आयोजनों, महाशिवपुराण कथा, रामकथा तथा प्रमुख आस्था केंद्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि धार्मिक एवं प्राकृतिक स्थलों का पर्यटन के रूप में विकास क्षेत्र के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि अमृतधारा महोत्सव हमारी विरासत, पर्यटन और विकास की पहचान है। वर्ष 2023 के बाद से इस पवित्र स्थल को उसकी पुरानी गरिमा लौटाने के लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने प्राकृतिक सौंदर्यीकरण, हसदेव नदी क्षेत्र के पर्यटन विकास, गोंडवाना फॉसिल्स पार्क, शिक्षा संस्थानों की स्थापना और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनसहयोग और सरकार की प्रतिबद्धता से अमृतधारा पुनः अपनी चमक बिखेरेगा और एमसीबी जिला पर्यटन के मानचित्र पर विशेष पहचान बनाएगा।

कार्यक्रम के अंत में जिला प्रशासन द्वारा मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों सहित सभी जनप्रतिनिधियों को अमृत महोत्सव के स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके पश्चात विभिन्न सांस्कृतिक दलों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग कार्यक्रमों ने समूचे वातावरण को उत्सवमय बना दिया और उपस्थित जनसमूह मंत्रमुग्ध हो उठा।

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