दुर्ग ,16 फरवरी(वेदांत समाचार)। दुर्ग जिले के नेवई थाना क्षेत्र में एकतरफा प्यार और लंबे समय से पीछा करने के मामले में युवती पर कटर से जानलेवा हमला किए जाने की घटना सामने आई है। आरोपी युवक पिछले करीब छह सालों से युवती को परेशान कर रहा था। शादी के बाद भी वह बातचीत करने का दबाव बनाता रहा। पीड़िता शादी के बाद रायपुर में अपने पति के साथ रह रही है। उसकी शादी वर्ष 2023 में रायपुर निवासी आशीष नवरंगे से हुई है। महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर वह अपने पिता के घर शिवपारा स्टेशन मरोदा, नेवई आई थी।
मंदिर जाने के दौरान कटर से किया हमला
घटना 15 फरवरी की शाम करीब 5 बजे की है। युवती बैकुंठधाम मंदिर में पूजा-पाठ कर घर लौट रही थी। इसी दौरान इंदा चौक के पास एक गली में पीछा कर रहा युवक टॉयलेट उसे रोककर बात करने लगा। युवती के मना करने पर आरोपी ने धमकी देते हुए कटर से हमला कर दिया। हमले में युवती की गर्दन, दाहिने हाथ की कलाई, गाल और पसली के पास गंभीर चोटें आई हैं। पीड़िता की बहन के अनुसार उसके शरीर पर करीब 60 टांके लगे हैं। हालत गंभीर होने के कारण उसे ICU में भर्ती कराया गया है।
लोगों ने बचाई जान
घटना के दौरान आसपास मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर युवती की जान बचाई। पीड़िता ने बताया कि यदि वह झुककर खुद को नहीं बचाती तो आरोपी उसकी हत्या कर देता। पीड़िता की छोटी बहन मनीषा ने बताया कि आरोपी सिरफिरा किस्म का है और लंबे समय से एकतरफा प्यार में परेशान कर रहा था। उसने पहले भी परिवार को धमकियां दी थीं। आरोपी ने पीड़िता के पिता और भाई को जान से मारने की धमकी दी थी। कई बार घर के पास आकर भी डराने की कोशिश की गई।
6 सालों से कर रहा था परेशान
परिजनों के अनुसार आरोपी वर्ष 2020 से लगातार पीछा कर रहा था। कॉलेज के समय से उसे परेशान कर रहा था। शादी के बाद भी जब-जब युवती मायके आती थी, वह फिर से परेशान करने लगता था। आरोपी का घर पीड़िता के घर से करीब 500 मीटर की दूरी पर ही है।
मंत्रालय में काम करता है पति
पीड़िता का पति मंत्रालय में प्यून हैं। पिता सेल्समैन और भाई निजी नौकरी करता है। बहन एक निजी स्कूल में शिक्षिका है। पुलिस ने मामले में शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को आश्वासन दिया है कि आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि परिवार का कहना है कि उन्हें पुलिस की कार्रवाई पर पूरा भरोसा नहीं है। परिजनों ने मांग की है कि आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए ताकि भविष्य में वह दोबारा किसी को नुकसान न पहुंचा सके।
