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फाल्गुन अमावस्या पर क्या करें और क्या नहीं? जान लें सभी नियम

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सनातन धर्म में अमावस्या की तिथि बड़ी पवित्र और विशेष होती है. धार्मिक, आध्यात्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अमावस्या का दिन बहुत खास माना जाता है. इस दिन पवित्र नदी में स्नान करके दान किया जाता है. पूजा-पाठ किया जाता है. मान्यता है कि अमावस्या के दिन इन सभी कामों से विशेष पुण्य प्राप्त होता है. इस दिन की गई पूजा से कुंडली में ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति में भी सुधार होता है.

फाल्गुन माह चल रहा है. इस माह में जो अमावस्या पड़ रही है वो फाल्गुन अमावस्या रहेगी. ये अमावस्या कल यानी 17 फरवरी को मनाई जाने वाली है. अमावस्या की तिथि पितरों की मानी जाती है. मान्यता है कि इस दिन पितरों का तर्पण और पिंडदान करने से पितृ दोष दूर होता है. साथ ही पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है. ऐसे में आज हम आपको बताने वाले हैं कि इस दिन पर क्या करना और क्या नहीं करना चाहिए?

फाल्गुन अमावस्या पर क्या करें?
अमावस्या के दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान-ध्यान करें और देवी-देवताओं के साथ ही पितरों की पूजा करें. पितरों के निमित्त जल में काले तिल, कुश आदि मिलाकर अर्घ्य दें. इस दिन कंबल, कपड़े, अन्न, धन आदि का दान करें. पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए इस दिन पीपल के पेड़ की पूजा करें. इस दिन एकांत स्थान पर बैठकर ध्यान करें. ऐसा करने से मानसिक शांति और आध्यात्मिक ज्ञान मिलता है. धार्मिक पुस्तकों का अध्ययन करें. भगवान शिव, विष्णु, सूर्य देव, माता लक्ष्मी, मां सरस्वती आदि के मंत्रों का जप करें.

फाल्गुन अमावस्या पर क्या न करें?
अमावस्या के दिन गलती से भी तामसिक भोजन का सेवन न करें. इस दिन मांस, मदिरा, लहसुन-प्याज आदि खाने से बचें. इस दिन नाखून-बाल आदि न काटें. घर में लड़ाई-झगड़ा इस दिन न करें. फाल्गुन अमावस्या के दिन सूर्य ग्रहण लग रहा है, इसलिए यात्राएं न करें. इस दिन तुलसी, बेल आदि के पत्ते न तोड़ें. दिन के समय सोने से बचें. बड़े-बुजर्गों का निरादर न करें. सुनसान जगहों पर जाने से बचें.

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