बिलासपुर,16 फरवरी(वेदांत समाचार)। बिलासपुर बाइक चोर गिरोह तक पहुंचना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था। लेकिन अब बिलासपुर रेंज में तैयार ‘सशक्त एप’ पुलिस के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रहा है। इस एप की मदद से पुलिस ने 10 दिन में 49 चोरी की बाइक बरामद की है। इनमें सबसे ज्यादा 25 बाइक बिलासपुर जिले से मिली हैं।
ड्रिंक एंड ड्राइव जांच के दौरान इसी एप की मदद से पुलिस ने सिम्स परिसर से बाइक चोरी करने वाले गैंग को भी गिरफ्तार किया है। SSP रजनेश सिंह ने संदिग्ध वाहनों की जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने शहर के सभी थाना प्रभारियों को चोरी की बाइक की पूरी जानकारी सशक्त एप पर अपलोड करने के लिए कहा है। एसएसपी ने विवेचकों से लेकर जवानों तक सभी को संदिग्ध बाइकों की जांच करने के निर्देश दिए हैं। थानों में तैनात पेट्रोलिंग टीम और बीट प्रभारी भी गश्त के दौरान अपने क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों की जांच कर रहे हैं। रात में अड्डेबाजों पर कार्रवाई और ड्रिंक एंड ड्राइव अभियान के दौरान भी बाइक की जांच लगातार की जा रही है।
सरकंडा थाना क्षेत्र में देर रात ड्रिंक एंड ड्राइव जांच के दौरान पुलिस को नशे में धुत एक नाबालिग बाइक चलाते मिला। जब एप से वाहन नंबर जांचा गया तो पता चला कि बाइक चोरी की है। इस चोरी की रिपोर्ट कोतवाली थाना बिलासपुर में दर्ज थी। इसके बाद सरकंडा पुलिस ने नाबालिग को कोतवाली थाना प्रभारी देवेश राठौर को सौंप दिया। पूछताछ के दौरान नाबालिग ने गिरोह के मास्टरमाइंड और अन्य सदस्यों की जानकारी दी। जांच में सामने आया कि गिरोह ने चोरी की एक बाइक बहतराई अटल आवास में रहने वाले व्यक्ति को बेच दी थी। पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है।
ट्रैफिक जवानों को रोजाना 10-10 वाहन जांचने के निर्देश
ट्रैफिक एडिशनल एसपी रामगोपाल करियारे ने सभी पाइंट पर तैनात जवानों को रोजाना 10-10 संदिग्ध वाहनों की जांच करने के निर्देश दिए हैं। जवानों ने इस पर काम भी शुरू कर दिया है। पुलिस का कहना है कि अगर सभी पाइंट पर ईमानदारी से जांच की जाए तो रोजाना 300 से अधिक वाहनों की जांच संभव है।
आम नागरिक भी बन रहे पुलिस के सहयोगी
‘सशक्त एप’ आम नागरिक भी प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं। वाहन नंबर डालते ही एप यह जानकारी देगा कि वाहन चोरी का है, संदिग्ध है या लावारिस के रूप में दर्ज है। पब्लिक मॉड्यूल से कोई भी व्यक्ति संदिग्ध वाहन की सूचना तुरंत पुलिस तक पहुंचा सकता है।
डिजिटल डाटाबेस से पहचान आसान
इस एप में चोरी और लावारिस वाहनों का विस्तृत डिजिटल डाटाबेस तैयार किया गया है। पहले चोरी की गाड़ी का पता लगाने में कई दिन लग जाते थे, लेकिन अब मौके पर ही पूरी जानकारी मिल जाती है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि सशक्त एप वाहन चोरी मामलों में गेमचेंजर साबित हो रहा है।
ऐसे काम करता है एप
आम नागरिक के लिए
प्ले स्टोर से सशक्त सीजी पुलिस ऐप डाउनलोड करें
वाहन नंबर दर्ज करते ही चोरी/संदिग्ध/लावारिस की स्थिति पता चल जाएगी
पब्लिक मॉड्यूल से सूचना सीधे पुलिस तक पहुंचेगी
पुलिस के लिए
चेकिंग के दौरान मौके पर ही वाहन का सत्यापन
कागजी मिलान की जरूरत नहीं
लाइव डाटाबेस में चोरी और लावारिस वाहनों का रिकॉर्ड अपडेट रहता है
जिला बदलने पर भी रिकॉर्ड आसानी से मिल जाता है
