कोरबा,12 फरवरी (वेदांत समाचार)। शहर में भारी वाहनों का बढ़ता दबाव अब प्रमुख पुलों की सेहत पर भारी पड़ने लगा है। ढेंगुरनाला, बेलगिरीनाला और सर्वमंगला पुल की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है, लेकिन मरम्मत कार्य अब तक शुरू नहीं हो सका है। तीन सप्ताह पहले कलेक्टर कुणाल दुदावत ने अधिकारियों को आवश्यक मरम्मत कार्य प्राथमिकता के साथ कराने के निर्देश दिए थे, बावजूद इसके जमीनी स्तर पर कोई पहल नजर नहीं आ रही है।
सर्वमंगला नहर बायपास शुरू होने के बाद कुसमुंडा की ओर से उरगा होते हुए चांपा, रायगढ़ व अन्य क्षेत्रों के लिए कोयला परिवहन में लगे भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ गई है। अत्यधिक दबाव के कारण कुदुरमाल पुल क्षतिग्रस्त हो गया, जिसे सुरक्षा कारणों से बंद कर दिया गया है। इसके चलते अब भारी वाहनों को सर्वमंगला चौक से रिंग रोड (बालकोनगर) मार्ग से होकर गुजरना पड़ रहा है।
इस अतिरिक्त दबाव का असर ढेंगुरनाला और बेलगिरीनाला पुल पर साफ दिख रहा है। पुलों पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं और जॉइंट पर गैप बढ़ता जा रहा है। वहीं सर्वमंगला पुल की सड़क भी लंबे समय से मरम्मत के अभाव में क्षतिग्रस्त है। दोपहिया वाहन चालकों को विशेष रूप से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार कुदुरमाल पुल बंद होने से प्रतिदिन करीब 400 अतिरिक्त मालवाहक इन पुलों से गुजर रहे हैं। रिंग रोड से पहले ही कोयला, राखड़, एल्यूमिनियम और लोहे से लदे 1000 से अधिक मालवाहक प्रतिदिन आवागमन करते हैं। ऐसे में यातायात का दबाव कई गुना बढ़ गया है।
शहर और बाहरी क्षेत्रों के बीच आवागमन के लिए ये पुल जीवनरेखा माने जाते हैं, लेकिन समय पर मरम्मत नहीं होने से कभी भी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। नागरिकों ने प्रशासन से शीघ्र मरम्मत कार्य शुरू कराने की मांग की है।
