कोरबा,11 फरवरी (वेदांत समाचार)। कोरबा की सलमा सुल्ताना हत्याकांड में एक ऐसा खुलासा सामने आया है, जिसने सुनने वालों की रूह कंपा दी है। मंगलवार, 10 फरवरी 2026 को कोरबा की अपर सत्र न्यायाधीश गरिमा शर्मा की अदालत में मामले की चश्मदीद गवाह कोमल सिंह राजपूत ने अपना बयान दर्ज कराया।
सलमा की लाश पकड़े सिगरेट पीता रहा मधुर साहू कोमल के मुताबिक हत्या के बाद आरोपी मधुर साहू के चेहरे पर पछतावे का नामोनिशान नहीं था बल्कि उसमें सनकीपन और क्रूरता साफ झलक रही थी। अदालत में बयान दर्ज कराते हुए मुख्य गवाह कोमल सिंह ने बताया कि उसने वह खौफनाक मंजर अपनी आंखों से देखा था। कोमल ने कोर्ट को बताया कि हत्या के तुरंत बाद मधुर साहू एक हाथ से सलमा की निर्जीव देह को पकड़े हुए था और दूसरे हाथ से सिगरेट पी रहा था। इस दौरान वह बड़े इत्मीनान से सलमा का पसंदीदा गाना- तुझसे नाराज़ नहीं मैं ज़िंदगी, हैरान हूँ मैं… गुनगुना रहा था।
कोर्ट में चश्मदीद का सनसनीखेज बयान बताया गया कि साल 2018 में सलमा सुल्ताना अचानक लापता हो गई थी। करीब पांच साल तक यह मामला फाइलों में दबा रहा। वर्ष 2023 में पुलिस ने वैज्ञानिक जांच और खुदाई के बाद कोरबा–दर्री रोड पर फोरलेन के नीचे दबे सलमा के कंकाल को बरामद किया। जांच में सामने आया कि जिम ट्रेनर मधुर साहू ने अपने साथियों के साथ मिलकर सलमा की गला घोंटकर हत्या की थी और सड़क निर्माण के दौरान शव को वहीं दफन कर दिया गया था।
लिव-इन से लाश तक इस मामले में अब तक 41 गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। चश्मदीद गवाह कोमल सिंह राजपूत का बयान केस की सबसे अहम कड़ी माना जा रहा है, क्योंकि वह घटना के वक्त मौके पर मौजूद थी। अभी 10 और गवाहों के बयान दर्ज होना बाकी हैं, जिसके बाद मामला फैसले की ओर बढ़ेगा। पुलिस चार्जशीट के अनुसार, मधुर साहू और सलमा सुल्ताना लिव-इन रिलेशनशिप में थे। पैसों के लेन-देन और मधुर के अन्य संबंधों को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। इसी विवाद के चलते 21 अक्टूबर 2018 को मधुर ने अपने साथियों कौशल श्रीवास और अतुल शर्मा के साथ मिलकर इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया था।
