कोरबा, 10 फरवरी (वेदांत समाचार)। 06 एवं 08 वर्ष की दो नाबालिग बालिकाओं के साथ जबरन दुष्कर्म के जघन्य मामले में विशेष न्यायालय एफटीएससी (पाक्सो) कटघोरा ने आरोपी को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। यह सजा आरोपी के शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक प्रभावी रहेगी। साथ ही न्यायालय ने आरोपी पर 2,000 रुपये का अर्थदंड भी आरोपित किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना कटघोरा क्षेत्र अंतर्गत ढेलवाडीह निवासी आरोपी व्यासनारायण सोनवानी, पिता स्वर्गीय समारू सोनवानी, उम्र 45 वर्ष, निवासी ए-30/299 ढेलवाडीह, थाना कटघोरा, जिला कोरबा (छत्तीसगढ़) द्वारा अपने ही क्षेत्र की दो नाबालिग बालिकाओं को बहला-फुसलाकर उनके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया था।
घटना की जानकारी पीड़िता की मां को उसकी भांजी द्वारा फोन पर दी गई थी। इसके बाद जब मां ने अपनी पुत्री से पूछताछ की, तो उसने आरोपी द्वारा की गई आपराधिक हरकतों की जानकारी दी। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी द्वारा की गई इस घिनौनी हरकत का वीडियो एक गवाह द्वारा मोबाइल में बनाया गया था।
घटना की रिपोर्ट थाना कटघोरा में दर्ज कराई गई, जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (2)(एन) (दो बार) एवं लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पाक्सो एक्ट) की धारा 06 (दो बार) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किया।
मामले की सुनवाई विशेष न्यायालय एफटीएससी (पाक्सो) कटघोरा में पीठासीन अधिकारी श्रीमती श्रद्धा शुक्ला शर्मा के समक्ष चली। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों, पीड़िताओं के बयान एवं अन्य गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी का अपराध संदेह से परे प्रमाणित पाया।
पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए आजीवन सश्रम कारावास तथा अर्थदंड की सजा सुनाई। इस प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक (पाक्सो) कटघोरा शोधन राम देवांगन द्वारा की गई।
