Vedant Samachar

कोरबा:सिक्किम के मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने गेवरा कोल माइन का किया दौरा

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0.हरित, सुरक्षित और आधुनिक कोयला खनन प्रक्रियाओं का लिया प्रत्यक्ष अनुभव

कोरबा, 10 फरवरी 2026। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) सिक्किम एवं छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में सिक्किम से आए 15 सदस्यीय मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को एशिया की सबसे बड़ी कोयला खदान गेवरा कोल माइन का भ्रमण किया। इस दौरे का उद्देश्य देश की ऊर्जा सुरक्षा में साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) की भूमिका, पर्यावरणीय प्रयासों तथा सतत खनन पहलों को नज़दीक से समझना रहा।

दौरे के दौरान मीडिया प्रतिनिधियों ने गेवरा खदान में अत्याधुनिक हैवी अर्थ मूविंग मशीनरी (एचईएमएम) के संचालन का अवलोकन किया। उन्हें सरफेस माइनर तकनीक के माध्यम से किए जा रहे ब्लास्ट-फ्री कोयला उत्खनन की प्रक्रिया की जानकारी दी गई, जो सुरक्षा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रभावी पहल मानी जा रही है।

प्रतिनिधिमंडल ने खदान क्षेत्र में लागू की गई फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी प्रणाली का भी जायजा लिया, जिसके माध्यम से कोयले का पर्यावरण-अनुकूल और पारदर्शी डिस्पैच सुनिश्चित किया जा रहा है। इस प्रणाली से धूल-उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी और परिचालन दक्षता में वृद्धि हो रही है। इसके अतिरिक्त, गेवरा क्षेत्र में मियावाकी पद्धति से किए गए सघन पौधारोपण को भी पत्रकारों ने सराहा।

मीडिया सदस्यों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि पहली बार उन्हें कोयला खनन कार्यों को इतनी नज़दीक से देखने और समझने का अवसर मिला। उन्होंने ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक कल्याण के बीच संतुलन साधने के लिए एसईसीएल के प्रयासों की प्रशंसा की।

गेवरा भ्रमण के उपरांत प्रतिनिधिमंडल ने बिलासपुर स्थित एसईसीएल मुख्यालय में प्रबंधन के साथ संवाद किया। इस दौरान एन. फ्रैंकलिन जयकुमार, निदेशक (तकनीकी) संचालन, बिरंची दास, निदेशक (मानव संसाधन) तथा रमेश चंद्र महापात्र, निदेशक (तकनीकी) योजना/परियोजना ने संगठन की भावी योजनाओं, सतत विकास लक्ष्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व से जुड़ी पहलों पर विस्तार से जानकारी दी।

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