0.गांव-गांव प्रचार अभियान तेज, कोयला खदानें बंद करने का आह्वान
कोरबा,10 फरवरी (वेदांत समाचार)। देशव्यापी मजदूर–किसान आंदोलन के तहत 12 फरवरी 2026 को प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी हड़ताल को छत्तीसगढ़ किसान सभा ने पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की है। हड़ताल को सफल बनाने के उद्देश्य से किसान सभा द्वारा जिले भर के गांवों में व्यापक प्रचार अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही, कोयला खदानों को बंद रखने का आह्वान भी किया गया है।
हड़ताल के माध्यम से चार श्रम संहिताओं को रद्द करने, समाप्त किए गए 28 श्रम कानूनों को बहाल करने, फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य को लागत से डेढ़ गुना तय कर उसकी कानूनी गारंटी देने, किसान कर्ज माफी, किसान पेंशन, मनरेगा की बहाली सहित जनहित से जुड़े कई मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
किसान सभा के प्रदेश संयुक्त सचिव प्रशांत झा ने कहा कि देशभर में 30 करोड़ से अधिक मजदूर और किसान इस ऐतिहासिक हड़ताल में भाग लेंगे। उन्होंने बताया कि चार लेबर कोड लागू करने और मनरेगा को कमजोर करने के प्रयासों के साथ-साथ कोरबा जिले के भू-विस्थापितों की समस्याओं को भी आंदोलन में प्रमुखता से शामिल किया जाएगा।
किसान सभा के अध्यक्ष जवाहर सिंह कंवर एवं सचिव दीपक साहू ने संयुक्त रूप से कहा कि केंद्र की मोदी सरकार नए कानूनों के माध्यम से मजदूरों और किसानों के अधिकारों को कमजोर करने का प्रयास कर रही है, जिसके विरोध में 12 फरवरी को किसान–मजदूर एकजुट होकर निर्णायक जवाब देंगे।
देशव्यापी हड़ताल के क्रम में 12 फरवरी को तानसेन चौक, कोरबा में धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा, जिसमें मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, सीटू, किसान सभा, भू-विस्थापित संगठन, परिवहन संघ सहित अनेक संगठनों की भागीदारी रहेगी।
अभियान में जवाहर सिंह कंवर, दीपक साहू, दामोदर श्याम, सुमेंद्र सिंह कंवर, रमेश दास, हरिशरण, हेतराम सहित कई कार्यकर्ता सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं।
