Vedant Samachar

डायबिटीज नहीं है फिर भी नसों में रहता है दर्द?

Vedant Samachar
3 Min Read

अगर आपका शुगर लेवल कंट्रोल में है. डायबिटीज की बीमारी भी नहीं है, लेकिन फिर भी नसों में दर्द, झनझनाहट या सुन्नपन रहता है तो इसके कारणों को समझना जरूरी है. डॉक्टरों के मुताबिक, अगर ये समस्या हो रही है तो इसका कारण पेरिफेरल न्यूरोपैथी होती है. ये क्या बीमारी है और क्यों होती है इस बारे में डॉक्टर से जानते हैं.

मैक्स साकेत में न्यूरोसर्जरी विभाग में एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. दलजीत सिंह बताते हैं कि पेरिफेरल न्यूरोपैथी में दिमाग और स्पाइनल कॉर्ड से बाहर जाने वाली नसों पर असर पड़ता है. अगर कोई गड़बड़ी इन नसों में हो जाती है तो व्यक्ति को पैरों या हाथों में झनझनाहट से लेकर सुन्नपन की समस्या होने लगती है. ये उन लोगों को भी हो जाती है जिनको डायबिटीज नहीं है और शुगर लेवल भी कंट्रोल में रहता है.

क्यों होती है पेरिफेरल न्यूरोपैथी
पेरिफेरल न्यूरोपैथी का सबसे बड़ा कारण शरीर में विटामिन B12 की कमी होती है. इसके अलावा स्पाइन की कोई बीमारी, गलत पोश्चर या फिर ऑटोइम्यून बीमारियां भी नसों को नुकसान पहुंचा सकती हैं. आमतौर पर देखा जाता है कि जो लोग डेस्क जॉब करते हैं और रोज एक्सरसाइज नहीं करते हैं तो उनको भी ये समस्या होने लगती है.

डॉ. दलजीत बताते हैं कि पहले इसके मामले 50 या 60 साल से अधिक उम्र के लोगों में देखे जाते थे, लेकिन अब 40 और 30 साल वालों में भी ये बीमारी हो रही है. हालांंकि ये अचानक नहीं होती है. इसके होने से पहले शरीर में कई तरह के लक्षण दिखने लगते हैं. जिनको नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. खासतौर पर उनको जिनको डायबिटीज नहीं है.

पेरिफेरल न्यूरोपैथी के लक्षण क्या हैं
हाथ पैरों में सुन्नपन

पैरों के तलवों में जलन

चलने में संतुलन बिगड़ना,

हाथों में कमजोरी या चीजें पकड़ने में दिक्कत

इलाज कैसे किया जाता है?
पहले देखा जाता है कि बीमारी का कारण क्या है. अगर विटामिन की कमी है तो इसके लिए दवाएं दी जाती है. अगर स्पाइन से जुड़ी समस्या है तो फिजियोथेरेपी, एक्सरसाइज और दवाएं चलती है. दर्द कंट्रोल के लिए न्यूरोपैथिक पेन की दवाएं दी जाती हैं. इस तरह मरीज का इलाज होता है.

Share This Article