कोरबा, 10 फरवरी (वेदांत समाचार)। भारत सरकार की रैंप (RAMP) योजना के अंतर्गत सीएसआईडीसी रायपुर के बैनर तले एनआईएमएसएमई हैदराबाद द्वारा लाइवलीहुड कॉलेज, कोरबा में हैंडीक्राफ्टिंग सेक्टर से जुड़ा तीन दिवसीय सेक्टर स्पेसिफिक प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह प्रशिक्षण 5, 6 एवं 7 फरवरी को आयोजित किया गया, जिसमें जिले की कुल 33 महिला उद्यमियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में पूर्व से सिलाई-बुनाई एवं हस्तशिल्प कार्य से जुड़ी महिला उद्यमियों की सक्रिय भागीदारी रही। इस दौरान प्रतिभागियों को हैंडीक्राफ्टिंग से संबंधित विभिन्न उन्नत तकनीकों की व्यावहारिक जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में विशेष रूप से मैकरम वर्क, वूलन वर्क, रेक्सीन वर्क सहित अन्य हस्तशिल्प उत्पादों को बेहतर गुणवत्ता के साथ तैयार करने के तरीकों पर फोकस किया गया।

कार्यक्रम के दौरान महिला उद्यमियों को उत्पादों की मार्केटिंग से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भी प्रदान की गईं। डिजिटल मार्केटिंग, डिजिटल कैटालॉगिंग एवं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से उत्पादों की ब्रांडिंग और बिक्री बढ़ाने के उपायों पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया, जिससे महिलाएं अपने उत्पादों को व्यापक बाजार से जोड़ सकें।
इसके साथ ही एनआरएलएम के अंतर्गत स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) के गठन, उनकी कार्यप्रणाली तथा रिवॉल्विंग फंड से संबंधित जानकारी दी गई। महिला उद्यमियों को पीएमईजीपी योजना के तहत मिलने वाले लाभों, आवश्यक दस्तावेजों, ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया, संबंधित विभागों एवं उद्यम पंजीयन की प्रक्रिया से भी अवगत कराया गया।
प्रशिक्षण के दौरान एनआईएमएसएमई के प्रतिनिधि एवं प्रशिक्षकों द्वारा महिला उद्यमियों का उद्यम पंजीयन भी किया गया। जिन प्रतिभागियों के दस्तावेज पूर्ण नहीं थे, उन्हें आवश्यक दस्तावेज तैयार करने तथा संबंधित विभागों व संसाधनों से संपर्क करने हेतु विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम महिला उद्यमियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुआ, जिससे उन्हें हैंडीक्राफ्टिंग सेक्टर में अपने व्यवसाय को सशक्त रूप से आगे बढ़ाने, आत्मनिर्भर बनने एवं बाजार से प्रभावी ढंग से जुड़ने में सहायता मिलेगी।
