Vedant Samachar

पहली बोर्ड परीक्षा अनिवार्य, दूसरी केवल सुधार के लिए होगी : डॉ. संजय गुप्ता…

Vedant Samachar
2 Min Read

कोरबा,09 फरवरी(वेदांत समाचार)। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा कक्षा 10वीं के लिए प्रस्तावित दो-परीक्षा प्रणाली को लेकर विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों के मन में उठ रहे सवालों पर इंडस पब्लिक स्कूल दीपका के प्राचार्य डॉ. संजय गुप्ता ने स्पष्ट और सुस्पष्ट जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि यह नई व्यवस्था छात्रों के हित में है और इससे बोर्ड परीक्षा का मानसिक दबाव कम होगा।

डॉ. गुप्ता ने स्पष्ट किया कि कक्षा 10वीं की पहली बोर्ड परीक्षा सभी विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य होगी, जबकि दूसरी परीक्षा केवल उन्हीं छात्रों के लिए होगी जो अपने अंकों में सुधार (इम्प्रूवमेंट) करना चाहते हैं। दूसरी परीक्षा पूरी तरह वैकल्पिक होगी। अंतिम परिणाम दोनों परीक्षाओं में से बेहतर अंकों के आधार पर घोषित किया जाएगा। यह व्यवस्था शैक्षणिक सत्र 2026–27 से लागू की जाएगी।

उन्होंने बताया कि मुख्य परीक्षा के बाद परिणाम जारी किया जाएगा। यदि कोई छात्र सुधार परीक्षा में शामिल होता है, तो बाद में उसका संशोधित परिणाम प्रकाशित किया जाएगा। यह सुविधा सभी विषयों के लिए नहीं होगी, बल्कि केवल बोर्ड द्वारा निर्धारित कुछ विषयों तक ही सीमित रहेगी। दोनों परीक्षाएँ पूरे पाठ्यक्रम के आधार पर ही आयोजित की जाएंगी, सिलेबस में किसी प्रकार की कटौती नहीं की जाएगी।

खेल प्रतियोगिताओं में राष्ट्रीय अथवा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भाग लेने वाले विद्यार्थियों तथा विशेष आवश्यकता वाले छात्रों (CWSN) को विशेष लचीलापन दिया जाएगा। ऐसे छात्र यदि पहली परीक्षा में शामिल नहीं हो पाते हैं, तो वे बोर्ड के नियमों के अंतर्गत दूसरी परीक्षा में बैठ सकेंगे।

डॉ. संजय गुप्ता ने कहा कि परीक्षा केवल अंकों का माध्यम नहीं, बल्कि समय के मूल्य को समझने, परिश्रम, अनुशासन और जिम्मेदारी विकसित करने का अवसर है। असफलता भी हमें निराश नहीं करती, बल्कि आगे और बेहतर करने की प्रेरणा देती है।

उन्होंने आगामी बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि धैर्य, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के साथ परीक्षा दें। निरंतर परिश्रम कभी व्यर्थ नहीं जाता। अनुशासन और एकाग्रता ही सफलता की कुंजी है।

Share This Article