Vedant Samachar

ट्रेड यूनियन के सदस्यों ने जताया विरोध 4 श्रमिक कानूनों को वापस लेने की मांग, बोले- मजदूरों के अधिकारों को छीनने का प्रयास

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रायगढ़,09 फरवरी(वेदांत समाचार)। रायगढ़ जिले में सोमवार को ट्रेड यूनियन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के तहत यूनियन के सदस्यों ने गेट मीटिंग की। इसमें कोल इंडिया में काम करने वाले संगठन के सदस्यों ने मजदूर विरोधी चार श्रम कानून लागू किए जाने का विरोध किया। इस दौरान सदस्यों ने नारेबाजी की और इन कानूनों को वापस लेने की मांग की।

सोमवार को एसईसीएल की छाल खदान के पास इंटक, एटक, सीटू और एचएमएस के सदस्यों ने विरोध किया। उन्होंने कहा कि चारों नए लेबर कोड लागू करने से मजदूरों के अधिकारों को छीनकर उन्हें पूरी तरह से मालिकों या प्रबंधन का गुलाम बनाने की साजिश है।

सदस्यों ने बताया कि ये लेबर कोड मालिकों के दबाव में लाए गए हैं। इससे औद्योगिक संबंध खराब होंगे और भविष्य में अशांति फैलने की आशंका है।

उन्होंने यह भी कहा कि स्थायी नौकरी की जगह अब केवल फिक्स टर्म नौकरी दी जाएगी, जिससे मालिक जब चाहे मजदूरों को काम से निकाल सकेगा। इसके अलावा शिफ्ट का समय 8 घंटे से बढ़ाकर 12 घंटे किया जा सकता है। उन्होंने कोल इंडिया के निजीकरण, एमडीओ और रेवेन्यू शेयरिंग को भी तेजी से लागू किए जाने की बात कही।

सदस्यों ने कहा कि इस नियम के लागू होने से ट्रेड यूनियनों का रजिस्ट्रेशन खत्म किया जा सकता है। मौजूदा वेतन और दूसरी सुविधाओं में कटौती शुरू हो सकती है। जमीन के बदले नौकरी और पुनर्वास से जुड़े प्रावधान भी खत्म किए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि नए ट्रेड यूनियन बनाना मुश्किल हो जाएगा और किसी भी बहाने पुराने ट्रेड यूनियनों का रजिस्ट्रेशन कभी भी रद्द किया जा सकता है। इससे मजदूरों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। इसी कारण आज विरोध किया गया।

3 दिन बाद खदाने बंदकर हड़ताल करेंगे

इंटक के क्षेत्रीय अध्यक्ष डीएल ग्वालवंशी ने कहा कि चार श्रमिक कानून लागू होने से मजदूरों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ेगा और उनके अधिकार छीने जाएंगे। इसी कारण आज विरोध किया गया है।

उन्होंने बताया कि गुरुवार यानी 12 फरवरी को एसईसीएल की खदानें बंद रखकर एक दिन की हड़ताल की जाएगी। इस हड़ताल के जरिए चारों श्रमिक कानूनों को वापस लेने की मांग की जाएगी।

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