कोरबा,09 फरवरी(वेदांत समाचार)। जिले में साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के तहत कोरबा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। म्यूल अकाउंट के माध्यम से साइबर ठगी में संलिप्त दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक कोरबा सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशों पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस के मार्गदर्शन में की गई।
कोरबा पुलिस द्वारा भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अंतर्गत संचालित समन्वय पोर्टल से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर साइबर अपराधों में प्रयुक्त म्यूल खातों पर लगातार निगरानी की जा रही थी। तकनीकी विश्लेषण के दौरान सामने आया कि थाना कुसमुंडा क्षेत्र के कुछ व्यक्तियों द्वारा नए बैंक खाते खुलवाकर उन्हें साइबर ठगों को किराए पर उपलब्ध कराया गया था। इन खातों का उपयोग देश के विभिन्न राज्यों में की गई साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए किया जा रहा था, जिससे वास्तविक अपराधियों की पहचान छिपाई जा सके।
जांच में यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी पैसों के लालच में अपने बैंक खातों को म्यूल अकाउंट के रूप में उपयोग करने दे रहे थे। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर साइबर पुलिस थाना कोरबा एवं थाना कुसमुंडा की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में एम. डी. तवरेज पिता एम. डी. गयासुद्दीन उम्र 23 वर्ष निवासी आनंद नगर थाना कुसमुंडा जिला कोरबा तथा पुष्पेंद्र साहू पिता श्याम सुंदर साहू उम्र 22 वर्ष निवासी आनंद नगर थाना कुसमुंडा जिला कोरबा शामिल हैं। पुलिस द्वारा दोनों आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) एवं 61(2)(ए) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर 08 फरवरी 2026 को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों को माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें 21 फरवरी 2026 तक न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
कोरबा पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, चेकबुक या ओटीपी किसी भी व्यक्ति को न दें। ऐसा करना कानूनन अपराध है और गंभीर परिणाम हो सकते हैं। साइबर अपराध से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी तुरंत साइबर पुलिस थाना या राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर देने की अपील की गई है।
