कवर्धा ,09 फरवरी(वेदांत समाचार)। कबीरधाम जिले के कवर्धा शहर अंतर्गत मजगांव क्षेत्र में सामने आए अनैतिक गतिविधियों के मामले को लेकर नामदेव समाज, जिला कबीरधाम ने कड़ा और स्पष्ट रुख अपनाया है। समाज ने इस पूरे घटनाक्रम को सामाजिक मर्यादा, सार्वजनिक नैतिकता और कानून-व्यवस्था पर सीधा हमला बताया है।
नामदेव समाज की ओर से जारी बयान में बताया गया कि मजगांव क्षेत्र निवासी अमिताभ नामदेव, जो स्वयं को पत्रकार और “नामदेव समाज, जिला कबीरधाम” का अध्यक्ष बताते हैं, के मकान में पुलिस कार्रवाई के दौरान कई आपत्तिजनक तथ्य सामने आए हैं। जानकारी के अनुसार उक्त मकान में छोटे-छोटे कमरों के माध्यम से ₹500 प्रति घंटा की दर से युवक-युवतियों को कमरे उपलब्ध कराए जा रहे थे, जहां अनैतिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। समाज ने स्पष्ट किया कि अखिल भारतीय नामदेव क्षत्रिय महासभा, जो देश का सबसे बड़ा और मान्यता प्राप्त संगठन है, से पृथक होकर केवल अपने परिवारजनों के साथ अलग रजिस्ट्रेशन के माध्यम से एक निजी संगठन बनाकर स्वयं को समाज का अध्यक्ष घोषित करना पूरी तरह भ्रामक है। इस तथाकथित संगठन में कबीरधाम जिले के नामदेव समाज के किसी भी स्वजातीय बंधु की सहभागिता नहीं है, इसके बावजूद समाज का प्रतिनिधित्व करने का दावा किया जाना सामाजिक विश्वास का दुरुपयोग है।
नामदेव समाज ने कहा कि इस घटनाक्रम से पूरे समाज की प्रतिष्ठा को गंभीर ठेस पहुंची है और समाज स्वयं को इस प्रकार की किसी भी अनैतिक, अवैध या असामाजिक गतिविधि से पूरी तरह अलग मानता है। समाज ने ऐसे कृत्यों की कड़े शब्दों में निंदा की है।
समाज ने जिला प्रशासन से मांग की है कि भले ही वर्तमान में कबीरधाम जिले में पीटा (अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम) लागू नहीं है, फिर भी उपलब्ध तथ्यों के आधार पर BNSS की धारा 170 सहित भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही समाज और पत्रकारिता जैसे सम्मानजनक नामों का दुरुपयोग करने वालों पर कानूनी प्रतिबंध लगाया जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस प्रकार की आड़ लेकर अवैध गतिविधियों को अंजाम न दे सके।
इसके अलावा समाज ने अनैतिक गतिविधियों में प्रयुक्त भवन के विरुद्ध नगर पालिका और प्रशासनिक स्तर पर भी कठोर कार्रवाई की मांग की है, जिससे समाज में यह स्पष्ट संदेश जाए कि इस तरह की गतिविधियां किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं हैं।
नामदेव समाज ने विश्वास जताया है कि जिला प्रशासन इस गंभीर मामले को संज्ञान में लेकर समाजहित, सार्वजनिक नैतिकता और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए निष्पक्ष और कठोर निर्णय लेगा।
