तेहरान,09 फरवरी । ईरान में मानवाधिकारों और महिलाओं के हक के लिए आवाज बुलंद करने वाली नोबेल पुरस्कार विजेता नरगिस मोहम्मदी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। ईरान की एक अदालत ने उन्हें एक नए मामले में साढ़े सात साल की अतिरिक्त जेल की सजा सुनाई है।
अदालत का फैसला और आरोप नरगिस मोहम्मदी के वकील मोस्तफ़ा निली द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, ईरान के उत्तर-पूर्वी शहर मशहद की एक कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है। उन पर ‘मिलीभगत कर साजिश रचने’ के आरोप में छह साल और ‘प्रोपेगेंडा गतिविधियों’ में शामिल होने के लिए डेढ़ साल की सजा तय की गई है।
हालिया गिरफ्तारी का आधार 53 वर्षीय मोहम्मदी को दिसंबर 2024 में खराब स्वास्थ्य के कारण कुछ समय के लिए रिहा किया गया था, जिसे अंतरराष्ट्रीय दबाव के चलते बढ़ाया भी गया। हालांकि, दिसंबर 2025 में एक शोक सभा के दौरान “भड़काऊ बयान” देने के आरोप में उन्हें फिर से गिरफ्तार कर लिया गया था। हालिया सजा इसी मामले से जुड़ी हुई है।
अदम्य साहस की मिसाल नरगिस मोहम्मदी को साल 2023 में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उन्हें यह सम्मान ईरान में महिलाओं पर होने वाले अत्याचारों के खिलाफ उनके संघर्ष और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए दिया गया था। वह पिछले कई वर्षों से लगातार जेल की सजाएं काट रही हैं, लेकिन उन्होंने जेल के भीतर से भी अपना विरोध जारी रखा है।
