कोरबा, 9 फरवरी 2026। कोरबा जिले के गेवरा क्षेत्र अंतर्गत संचालित सात कोयला खदानों में 12 फरवरी 2026 को प्रस्तावित राष्ट्रीय व्यापी हड़ताल की तैयारी के तहत गेट मीटिंग का आयोजन किया गया। ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मोर्चे ने मजदूरों से एकजुट होकर हड़ताल को सफल बनाने की अपील की।
गेट मीटिंग में सीटू, एचएमएस, एटक एवं इंटक से जुड़े पदाधिकारियों ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाए गए चारों लेबर कोड मजदूर विरोधी हैं और इससे श्रमिकों के वर्षों से अर्जित अधिकार समाप्त हो जाएंगे।
वक्ताओं ने बताया कि लेबर कोड लागू होने से स्थायी रोजगार खत्म होकर फिक्स्ड टर्म नियुक्ति लागू की जा सकती है, शिफ्ट अवधि 8 घंटे से बढ़ाकर 12 घंटे की जा सकती है, वेतन समझौते और सामाजिक सुरक्षा पर संकट खड़ा होगा। साथ ही कोयला उद्योग के निजीकरण, ठेका प्रथा के विस्तार और पुनर्वास व जमीन के बदले नौकरी जैसे अधिकारों पर भी असर पड़ेगा।
ट्रेड यूनियनों ने हड़ताल को “अभी नहीं तो कभी नहीं” की लड़ाई बताते हुए सभी कोयला मजदूरों से 12 फरवरी की हड़ताल को पूर्ण रूप से सफल बनाने का आह्वान किया।
