रायपुर, 07 फरवरी (वेदांत समाचार)। राजधानी रायपुर में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद यातायात व्यवस्था को सुचारु और सुरक्षित बनाए रखने के लिए यातायात पुलिस द्वारा लगातार सख्त अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में विगत 15 दिनों के भीतर मॉडीफाइ सायलेसर लगे बुलेट वाहनों और शराब सेवन कर वाहन चलाने वाले चालकों के विरुद्ध व्यापक कार्रवाई की गई है।
पुलिस कमिश्नर संजीव शुक्ला के निर्देशानुसार तथा पुलिस उपायुक्त विकास कुमार के मार्गदर्शन में, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त विवेक शुक्ला एवं दौलत राम पोर्ते के निर्देशन में यातायात पुलिस द्वारा विशेष अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान अवैधानिक रूप से मानक के विपरीत मॉडीफाइ सायलेसर लगाकर सार्वजनिक मार्गों पर तेज आवाज और फटाके जैसी ध्वनि निकालने वाले बुलेट वाहनों पर सख्त कार्रवाई की गई। इन वाहनों की तेज आवाज से अन्य वाहन चालकों में भय का माहौल बन रहा था और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ रही थी।

यातायात पुलिस द्वारा 15 दिनों के भीतर 160 से अधिक बुलेट वाहनों पर कार्रवाई करते हुए उनके मॉडीफाइ सायलेसर जब्त किए गए। इसके साथ ही ऐसे सायलेसरों की बिक्री और उन्हें लगाने वाले दुकानदारों पर भी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भविष्य में इस प्रकार के उल्लंघन पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
इसी दौरान देर रात नशे की हालत में वाहन चलाकर स्वयं एवं अन्य लोगों की जान जोखिम में डालने वाले शराबी वाहन चालकों के विरुद्ध भी लगातार अभियान चलाया गया। कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद शहर में चेकिंग पाइंटों की संख्या बढ़ाई गई है, जिसके चलते विगत 15 दिनों में 90 से अधिक नशे की हालत में वाहन चलाने वाले चालकों पर मोटरयान अधिनियम की धारा 185 के तहत कार्रवाई की गई। इन सभी मामलों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां माननीय न्यायालय द्वारा प्रत्येक प्रकरण में लगभग दस हजार रुपये का भारी जुर्माना लगाया गया।
यातायात पुलिस का कहना है कि नशे की हालत में वाहन चलाने वाले चालक शहर की यातायात व्यवस्था के सुचारु संचालन में सबसे बड़ी बाधा हैं। ऐसे चालक न केवल स्वयं के लिए बल्कि अन्य वाहन चालकों और राहगीरों के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करते हैं। इस कारण रायपुर पुलिस द्वारा इनके विरुद्ध सख्त और निरंतर कार्रवाई जारी रखी जा रही है।
रायपुर यातायात पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में पुलिस का सहयोग करें। सभी यातायात नियमों का पालन करें, नाबालिगों को वाहन चलाने न दें, दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें तथा चारपहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट अवश्य लगाएं। वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करें और नशे की हालत में स्वयं वाहन न चलाएं तथा किसी अन्य को भी न चलाने दें। सीमित गति और सुरक्षित जीवन के लक्ष्य को अपनाते हुए स्वयं भी सुरक्षित रहें और दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
