रायगढ़, 07 फरवरी (वेदांत समाचार)। जिले में बैंकों और वित्तीय संस्थानों की सुरक्षा को और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में एक व्यापक औचक जांच अभियान चलाया गया। यह अभियान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सोनी के मार्गदर्शन में 6 फरवरी 2026 को जिले के सभी थाना क्षेत्रों में संचालित बैंकों और वित्तीय संस्थानों में एक साथ चलाया गया।
अभियान के तहत सभी थाना और चौकी प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र में स्थित बैंकों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था की गहन जांच करने के निर्देश दिए गए थे। निर्देशों के पालन में राजपत्रित अधिकारियों सहित सभी थाना व चौकी प्रभारियों ने अपने अधीनस्थ बल के साथ बैंकों का निरीक्षण किया और सुरक्षा मानकों की बारीकी से समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान अलार्म सिस्टम की उपलब्धता और उसकी कार्यशील स्थिति, बैंक में तैनात सुरक्षा गार्डों की संख्या, आर्म्स गार्ड होने की स्थिति में उनके शस्त्र, कारतूस और लाइसेंस की वैधता की जांच की गई। इसके साथ ही चेस्ट और लॉकर की सुरक्षा व्यवस्था, कैश के लाने-ले जाने के दौरान अपनाए जा रहे सुरक्षा उपाय, बैंक परिसर और आसपास की पार्किंग व्यवस्था, बैंक के मुख्य गेट और अन्य प्रवेश द्वारों की सुरक्षा स्थिति का भी जायजा लिया गया।

पुलिस अधिकारियों ने बैंकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की स्थिति, कवरेज एरिया और रिकॉर्डिंग व्यवस्था की भी जांच की। इसके अलावा अग्निशमन व्यवस्था, आपातकालीन संपर्क नंबरों की उपलब्धता और बैंक प्रबंधकों के पास संबंधित थाना प्रभारी, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और पुलिस कंट्रोल रूम के नंबर होने की स्थिति का भी आकलन किया गया।
जांच के दौरान पुलिस अधिकारियों ने बैंक प्रबंधकों और सुरक्षा गार्डों से संवाद कर उन्हें आवश्यक सुरक्षा दिशा-निर्देश दिए। वहीं बैंक परिसरों के बाहर स्थित ठेले और दुकानदारों से भी बातचीत कर किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तत्काल डायल 112, पुलिस कंट्रोल रूम नंबर 9479193299 अथवा सीधे थाना प्रभारी को देने के लिए जागरूक किया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि समय-समय पर बैंकों और एटीएम की जांच, बैंक प्रबंधकों के साथ समन्वय बैठक और जमीनी स्तर पर सुरक्षा ऑडिट के माध्यम से जिले की सभी वित्तीय संस्थाओं को पूरी तरह सुरक्षित बनाना पुलिस की प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बैंक सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमित निरीक्षण के जरिए सुरक्षा व्यवस्था को लगातार सुदृढ़ किया जाता रहेगा।
