कोरबा, 06 फरवरी 2026। राष्ट्रीय आयुष मिशन अंतर्गत संचालित कायाकल्प आयुष कार्यक्रम में वर्ष 2024 के लिए स्वच्छता, संक्रमण नियंत्रण, भवन एवं परिसर रखरखाव, सौंदर्यीकरण तथा सेवा गुणवत्ता आधारित मानकों पर कोरबा जिले ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। आयुष सेंटर एवं स्पेशियलिटी क्लिनिक श्रेणी में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सह आयुष (होम्योपैथी) केंद्र रामपुर ने प्रथम स्थान तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सह आयुष (होम्योपैथी) केंद्र सरगबुंदिया ने द्वितीय स्थान प्राप्त कर प्रदेश स्तर पर जिले का नाम रोशन किया है।
यह पुरस्कार छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, स्वास्थ्य सचिव चिकित्सा शिक्षा (आयुष) अमित कटारिया (भा.प्र.से), आयुष संचालक संतन देवी जांगड़े (भा.प्र.से) तथा संयुक्त संचालक डॉ. सुनील कुमार दास की उपस्थिति में प्रदान किया गया। कोरबा जिले की ओर से जिला आयुष अधिकारी डॉ. उदय शर्मा ने यह सम्मान प्राप्त किया। प्रथम स्थान के लिए केंद्र रामपुर को 75,000 रुपये की पुरस्कार राशि एवं प्रशस्ति पत्र तथा द्वितीय स्थान के लिए केंद्र सरगबुंदिया को 50,000 रुपये की पुरस्कार राशि एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।
डॉ. उदय शर्मा ने बताया कि आयुष विभाग जनसामान्य, आदिवासी, श्रमिक, ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचलों में निवासरत नागरिकों तक आयुष पद्धति की प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने जिला कलेक्टर कोरबा कुणाल दुदावत (भा.प्र.से) के मार्गदर्शन एवं सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। साथ ही आयुष टीम के सभी सदस्यों को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता सामूहिक प्रयास का परिणाम है।
डॉ. शर्मा ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सह आयुष (होम्योपैथी) केंद्र रामपुर के चिकित्सा अधिकारी डॉ. श्यामाचरण साहू एवं केंद्र सरगबुंदिया के चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित कुमार जाटवर को विशेष रूप से शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि दोनों केंद्रों ने सेवा गुणवत्ता, स्वच्छता एवं मरीज हितैषी वातावरण के आधार पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।
जिले में आयुष विभाग द्वारा किए गए अन्य महत्वपूर्ण कार्यों की जानकारी देते हुए बताया गया कि आयुष पॉलीक्लीनिक डिंगापुर, कोरबा में संचालित आधुनिक ओटी एवं आईपीडी के माध्यम से अब तक 31 मरीजों का सफल उपचार किया जा चुका है। आयुर्विद्या राष्ट्रीय कार्यक्रम के अंतर्गत 103 स्कूलों में आयोजित जागरूकता शिविरों के माध्यम से 7,483 बच्चों को आयुष पद्धति की जानकारी दी गई।
व्योमित्र कार्यक्रम के तहत सत्र 2025-26 में 76,889 वृद्धजनों को उपचार प्रदान किया गया, जबकि ऑस्टियो आर्थराइटिस एवं मस्कुलोस्केलेटल डिसऑर्डर कार्यक्रम के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में 9,335 मरीज पंचकर्म चिकित्सा से लाभान्वित हुए। जिले के सभी आयुष स्वास्थ्य केंद्रों में प्रत्येक गुरुवार को आयोजित शिविरों में 46,309 वृद्ध मरीजों का उपचार किया गया।
जिला स्तरीय आयुष स्वास्थ्य मेले के तीन शिविरों में 1,967 तथा खंड स्तरीय दस शिविरों में 4,347 मरीजों को उपचार उपलब्ध कराया गया। राज्योत्सव 2025 के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय जिला स्तरीय आयुष स्वास्थ्य मेले में 1,520 मरीजों ने स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया। इसी अवधि में योग शिविरों एवं योग चिकित्सा के माध्यम से 87,988 नागरिक लाभान्वित हुए।
महिला एवं बाल विकास विभाग के मिशन वात्सल्य अंतर्गत बाल संप्रेक्षण गृह कोहड़िया में प्रथम, द्वितीय एवं चतुर्थ शुक्रवार को नियमित रूप से आयुष शिविरों का आयोजन कर चिकित्सा सेवाएं दी जा रही हैं। इसके अलावा समाज कल्याण विभाग के स्नेह सदन वृद्धा आश्रम, जिला जेल कोरबा, उप जेल कोरबा एवं जिला न्यायालय कोरबा में भी समय-समय पर आयुष चिकित्सा शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।
जिले का शासकीय आयुर्वेद औषधालय बरपाली एनएबीएच प्रमाणित हो चुका है, जबकि 11 आयुष औषधालयों का उन्नयन कर उन्हें एनएबीएच प्रमाणीकरण के लिए तैयार किया गया है। साथ ही जिले के छह आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में सौर ऊर्जा पैनल स्थापित कर ऊर्जा संरक्षण एवं सतत स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा दिया गया है।
